चार दिन से चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान बढ़ा विवाद, तहसील परिसर बना अखाड़ा
तहसील परिसर में अचानक मची अफरा-तफरी
अमेठी जनपद के मुसाफिरखाना तहसील परिसर में उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब एसडीएम, राजस्व कर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई की स्थिति बन गई। देखते ही देखते तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
SDM के खिलाफ चार दिनों से धरने पर थे अधिवक्ता
जानकारी के अनुसार, मुसाफिरखाना के एसडीएम अभिनव कन्नौजिया के खिलाफ अधिवक्ता बीते चार दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम ने वरिष्ठ वकीलों के साथ अभद्र व्यवहार किया और न्यायिक कार्यों में लापरवाही बरती।
नोकझोंक के बाद हाथापाई में बदला विवाद
धरना-प्रदर्शन के दौरान जब एसडीएम और राजस्व विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, तो अधिवक्ताओं से उनकी तीखी बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। कुछ देर के लिए तहसील परिसर अखाड़े जैसा दृश्य पेश करने लगा, जिससे आम फरियादियों में भी दहशत फैल गई।
स्थानांतरण की मांग को लेकर बढ़ा आक्रोश
अधिवक्ताओं का कहना है कि वे पहले भी एसडीएम के स्थानांतरण की मांग कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ती गई और प्रदर्शन उग्र रूप ले बैठा।
पुलिस फोर्स तैनात, हालात पर नजर
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर सीओ समेत कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा हुआ है। फिलहाल तहसील परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पूरे मामले पर प्रशासन की कड़ी नजर है।
प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती
इस घटना ने तहसील स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिवक्ताओं के साथ समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस विवाद को कैसे सुलझाता है।



