पूर्वांचल की सियासत एक बार फिर ठाकुर बनाम ठाकुर की आग में सुलग उठी है। योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह और बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह आमने-सामने हैं।अमेरिका में ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कराकर लौटे उमाशंकर सिंह ने घर पहुंचते ही सियासी मोर्चा खोल दिया। बिना नाम लिए उन्होंने बलिया के विकास में “कुछ माननीयों” पर रोड़े अटकाने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उनका साफ इशारा दयाशंकर सिंह की ओर था।उमाशंकर सिंह का दावा है कि सड़कों-नालियों के नाम पर 52 करोड़ रुपये उठा लिए गए, लेकिन ज़मीन पर काम शून्य है।
उन्होंने खुली चुनौती दी— “कोई बता दे बलिया में कौन सा काम पूरा हुआ?” खुद को जनता का सेवक बताते हुए उन्होंने कहा कि वे नेताओं को नहीं, बलिया की जनता को जवाबदेह हैं।उमा शंकर सिंह ने कहा कि वे क्षेत्र के लिए जो भी प्रोजेक्ट लाना चाहते हैं उसमें अधिकारियों के जरिए अड़चनें पैदा की जा रही हैं. उमाशंकर सिंह ने कहा कि साजिश करके बलिया के विकास के सपनों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है.’बता दे कि बलिया में यह टकराव नया नहीं है, लेकिन अमेरिका से लौटते ही किया गया यह हमला संकेत दे रहा है कि यह लड़ाई अब सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि वर्चस्व की खुली जंग बनने वाली है।





