बाराबंकी के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 65 वर्षीय बुजुर्ग की जिंदा जलकर मौत हो गई। मधुमक्खियों के झुंड से बचने के लिए सड़क किनारे उगे खर-पतवार में आग लगाना उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। लगातार मधुमक्खियों के डंक लगने से बुजुर्ग बेहोश होकर उसी जलती आग में गिर पड़े, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के रौनी पंचायत अंतर्गत गोतवन पुरवा गांव की है। मृतक की पहचान राम औतार केवट (65) पुत्र — निवासी गोतवन पुरवा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार राम औतार मंगलवार को किसी काम से बाहर गए थे और शाम के समय अपने गांव लौट रहे थे।
जैसे ही वह रौनी गांव के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों से बचने के लिए घबराए राम औतार ने सड़क किनारे उगे खर-पतवार में आग लगा दी, ताकि धुएं से मधुमक्खियां दूर हो सकें। लेकिन इसके बावजूद मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका।
प्रत्यक्ष परिस्थितियों के अनुसार लगातार डंक लगने से राम औतार की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जलते हुए खर-पतवार में गिर पड़े। आग की चपेट में आने से उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई।
देर शाम तक जब राम औतार घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान खेत और सड़क किनारे उनका जला हुआ शव मिला, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही हैदरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।





