देवरिया जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, मंगलवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोरखपुर स्थित BRD मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है।
जेल अधिकारियों के अनुसार, अमिताभ ठाकुर ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की थी, जेल के भीतर उपलब्ध चिकित्सा सुविधा देने के बावजूद जब उन्हें राहत नहीं मिली, तो उन्हें तुरंत जिला मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, वहां से देर रात ही उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया।
पहले भी आ चुका है हार्ट अटैक
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि अमिताभ ठाकुर को पहले भी हार्ट अटैक आ चुका है, मंगलवार देर रात उन्हें सीने में काफी तेज दर्द हुआ, जिसके बाद स्थिति गंभीर हो गई, डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उनकी हालत को देखते हुए BRD मेडिकल कॉलेज रेफर किया।
अधिवक्ता ने बताया कि ECG रिपोर्ट के अनुसार अमिताभ ठाकुर को हृदय संबंधी समस्या है और गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा है, उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं उन्हें BRD मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराकर लौटे हैं।
पुराने मामले में जेल में हैं बंद
गौरतलब है कि वर्ष 1999 में अमिताभ ठाकुर देवरिया के पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात थे, आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर एक औद्योगिक भूखंड अवैध रूप से आवंटित कराया।
इस मामले में कई साल बाद एक समाजसेवी की तहरीर पर देवरिया कोतवाली में केस दर्ज किया गया था, इसके बाद 10 दिसंबर की रात शाहजहांपुर में ट्रेन से उन्हें गिरफ्तार कर देवरिया कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। तभी से यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।
जमानत याचिका खारिज, आज रिमांड पर फैसला संभव
मंगलवार को अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी थी, वहीं, रिमांड से जुड़े मामले में आज 7 जनवरी को जवाब आना बाकी है, इस केस में उनकी पत्नी नूतन ठाकुर भी आरोपी हैं, पूर्व आईपीएस की तबीयत बिगड़ने के बाद उनके स्वास्थ्य और कानूनी स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, अब सबकी नजरें उनके इलाज और अदालत की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं।





