गाजीपुर | पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर उत्तर प्रदेश का पहला मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट गाजीपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में शुरू हो गया है। करीब 95 लाख रुपये की लागत से स्थापित यह यूनिट लगातार काम कर रही है और मोटे अनाजों को प्रोसेस कर बाजार और स्थानीय लोगों तक उपलब्ध करा रही है।
कृषि वैज्ञानिक शिवकुमार सिंह ने बताया कि यूनिट में बाजरा, कोदो, रागी, सावा, काकुल सहित अन्य मोटे अनाज तैयार किए जाते हैं। इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है और गेहूं-धान पर निर्भरता कम करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज बिना फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड के उगाए जाते हैं, जिससे जहर मुक्त खेती और भोजन संभव है।
केंद्र के फार्म हाउस और स्थानीय किसान द्वारा उगाए गए अनाज को उचित मूल्य पर खरीदा जाता है और प्रोसेसिंग के बाद बाजार में उपलब्ध कराया जाता है। पिछले 2-3 महीनों में लगभग 5 कुंतल आटा और चावल बेचे जा चुके हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों से अपील की है कि धान और गेहूं की जगह मोटे अनाज की खेती अपनाएं, जिससे कम समय में स्वास्थ्यवर्धक और जहर मुक्त फसल तैयार हो


