हरिद्वार प्रेस क्लब में साध्वी प्राची का बड़ा आरोप, स्वामी चैतन्य के आश्रम पर कब्जे का दावा
हरिद्वार के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची और डॉ. चैतन्य सरस्वती ने एक महिला और युवक पर गंभीर आरोप लगाए, साध्वी प्राची ने कहा कि स्वामी चैतन्य लंबे समय तक विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे हैं और राम मंदिर आंदोलन में भी उनकी अहम भूमिका रही है।
आश्रम पर जबरन कब्जे का आरोप
साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि रेनू नाम की महिला और निरंजन नाम के युवक ने स्वामी चैतन्य के आश्रम पर जबरन कब्जा कर लिया है, उन्होंने बताया कि वे स्वामी चैतन्य को वर्षों से जानती हैं और अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और नैनीताल जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में प्रवास के दौरान स्वामी जी उनके साथ ही रहते थे।
ठंड में भटकने को मजबूर संत
साध्वी प्राची का कहना है कि आश्रम पर कब्जा होने के बाद संत परंपरा से जुड़े स्वामी चैतन्य कड़कती ठंड में भटकने को मजबूर हैं और अपने लिए ठिकाना तलाश रहे हैं, उन्होंने इसे उत्तराखंड की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कहा कि देवभूमि में संतों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासन से कार्रवाई की अपील
साध्वी प्राची ने शासन-प्रशासन से हाथ जोड़कर अपील की कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू समाज को बदनाम करने की साजिश के तहत भीम आर्मी के माध्यम से यह कब्जा कराया गया।
दोषियों की गिरफ्तारी और आश्रम वापसी की मांग
प्रेस वार्ता में साध्वी प्राची ने मांग की कि स्वामी चैतन्य को सम्मानपूर्वक उनके आश्रम में वापस बैठाया जाए और आरोपित रेनू व निरंजन को जेल भेजा जाए, ताकि संत समाज और राष्ट्रभक्त परंपरा की रक्षा हो सके।





