लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने जीएसटी चोरी के एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए विभिन्न राज्यों और प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए टैक्स चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह से सरकार को करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व क्षति पहुंचने का अनुमान है।
बोगस फर्मों के जरिए चल रहा था फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक व्यापारिक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) बेचते थे। इसके जरिए वास्तविक फर्मों ने 30 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी की, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
एसटीएफ ने इस मामले में हरदीप सिंह, जितेंद्र झा, पुनीत अग्रवाल और शिवम को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी फर्मों के नेटवर्क और टैक्स चोरी के तरीके को लेकर कई अहम जानकारियां दी हैं।
नोएडा कार्यालय से हुई गिरफ्तारी
यूपी एसटीएफ ने नोएडा स्थित कार्यालय में पूछताछ के दौरान इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और नकदी बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से एसटीएफ ने—
2 लैपटॉप
कई मोबाइल फोन
कई आधार कार्ड
₹55,000 से अधिक नकद
बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
एसटीएफ का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। मामले में जीएसटी विभाग के साथ समन्वय कर आगे की जांच जारी है।




