Home Uttar Pradesh गौसेवा में समर्पित योगी सरकार, प्रदेश के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सुदृढ़...

गौसेवा में समर्पित योगी सरकार, प्रदेश के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था

54
0

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण, देखभाल और संवर्धन के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 6718 ग्रामीण गौ-आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें से 65 जनपदों के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा चुका है। शेष जनपदों में भी निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ किए जाने की प्रक्रिया चरणबद्ध ढंग से जारी है। इस पहल का उद्देश्य गौ-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

सरकार द्वारा निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश के 20 जनपदों के विकास भवनों में केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इन कंट्रोल रूमों के माध्यम से गौ-आश्रय स्थलों की दैनिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं और सुविधाओं पर सतत निगरानी रखी जा रही है। हरदोई, आगरा, जालौन, झांसी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, जौनपुर, अयोध्या, आजमगढ़, पीलीभीत, कौशांबी, शामली, बस्ती, अंबेडकरनगर, बलिया, एटा, अमरोहा, फर्रुखाबाद और चंदौली में ये कंट्रोल रूम सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

योगी सरकार गौ-आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इन स्थलों पर सुरक्षित शेड, स्वच्छ पेयजल, संतुलित एवं पर्याप्त भोजन, हरा चारा, भूसा भंडारण गृह, खड़ंजा, उपचार कक्ष, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सोलर लाइट जैसी सुविधाओं को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गोवंश को सुरक्षित, स्वस्थ और अनुकूल वातावरण प्रदान करना है।

पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि निगरानी तंत्र के सुदृढ़ होने से गौ-आश्रय स्थलों की देखरेख अधिक जिम्मेदाराना और व्यवस्थित ढंग से हो रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे गोवंश संरक्षण व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है।
शीतकाल को देखते हुए सरकार ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सभी गौ-आश्रय स्थलों पर ठंड से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

तिरपाल, काउ-कोट, अलाव, औषधियां, उपचार सुविधाएं और पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि ठंड या अव्यवस्था के कारण किसी भी गोवंश की मृत्यु न होने पाए। प्रदेश सरकार का यह समन्वित प्रयास न केवल निराश्रित गोवंश के संरक्षण को मजबूती दे रहा है, बल्कि गौ-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर, पारदर्शी और संवेदनशील व्यवस्था के रूप में विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

https://itreesoftwares.in/filmitics/the-new-season-of-the-womens-premier-league-will-see-many-things-change/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here