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जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम के तहत न्याय पंचायत पिपली में उमड़ा जनसैलाब

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सीमांत जनपद उत्तरकाशी में सरकार और प्रशासन को सीधे आमजन के द्वार तक पहुंचाने की मंशा के साथ चलाया जा रहा “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान लगातार असरदार साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में शनिवार, 10 जनवरी 2026 को विकासखंड डुंडा की न्याय पंचायत पिपली में जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया।

राजकीय इंटर कॉलेज थाती धनारी में आयोजित इस शिविर में भारी जनउत्साह देखने को मिला, जहां 1570 से अधिक ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखीं। विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान की अध्यक्षता और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की उपस्थिति में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों की सहभागिता से अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

न्याय पंचायत पिपली में आयोजित जनसेवा शिविर के दौरान कुल 83 लिखित शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 63 शिकायतों का समाधान विधायक सुरेश चौहान और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की मौजूदगी में मौके पर ही कर दिया गया। शेष जटिल मामलों के लिए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शिविर में ग्रामीणों ने माज़फ से डांडा तक लंबे समय से लंबित मार्ग निर्माण की मांग उठाई। लोनिवि अधिकारियों ने बताया कि वन स्वीकृति न मिलने के कारण कार्य लंबित है और प्रस्ताव पर्यावरण मंत्रालय, भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इस पर विधायक सुरेश चौहान ने 20 जनवरी के बाद ग्रामीणों के साथ पर्यावरण मंत्रालय में वार्ता कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

पुजारगांव में एएनएम सेंटर के नए भवन में संचालन और पद सृजन, पुजारगांव से कंवा तोक तक मार्ग निर्माण, भालसी मोटर मार्ग पर बाउंड्री वॉल के प्रतिकर, मजकोट में ट्रांसफार्मर की अर्थिंग, माज़फ में विद्युत की खुली लाइनों और हिंटाणु में शेष इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण जैसी समस्याओं पर संबंधित विभागों को स्पष्ट समयसीमा के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शिविर के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया, जब कोटी निवासी प्रेम सिंह बिष्ट ने अपने बैंक खाते से अज्ञात व्यक्ति द्वारा 12 लाख रुपये निकाले जाने और बैंक स्तर पर सुनवाई न होने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने लीड बैंक मैनेजर को एक सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार अभियान का उद्देश्य यही है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। शिविरों में समस्याएं सुनकर उनका त्वरित निस्तारण किया जा रहा है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही दिया जा रहा है।”

शिविर में विभागीय सेवाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया। राजस्व विभाग ने प्रमाण पत्र जारी किए, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, उद्यान, समाज कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण, खाद्य एवं आपूर्ति, सहकारिता, स्वास्थ्य और आयुष विभागों द्वारा मौके पर ही सेवाएं प्रदान की गईं। स्वास्थ्य विभाग ने 180 लोगों का परीक्षण कर दवाइयां वितरित कीं, जबकि आयुष विभाग ने 82 लोगों की जांच की।

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