उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की महसी तहसील में तैनात तीन ब्राह्मण होमगार्ड जवानों ने उपजिलाधिकारी (आईएएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जवानों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा जान से मारने की धमकी तक दी गई। इस संबंध में तीनों होमगार्ड्स ने अपने उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, बुधवार को ड्यूटी के समय एक दिव्यांग व्यक्ति को पेश किए जाने पर उपजिलाधिकारी नाराज हो गए और कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल किया। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने अपने गनर और चालक को निर्देश देकर तीनों होमगार्ड जवानों से दौड़ लगवाई और उठक-बैठक करवाई, साथ ही इसका फोटो भेजने को भी कहा गया। होमगार्ड्स का दावा है कि इसके बाद उन्हें ड्यूटी स्थल से हटा दिया गया और जान-माल की धमकी भी दी गई।
महसी कंपनी में तैनात होमगार्ड जवान राजाराम शुक्ला, रमाकांत मिश्र और रामकुमार तिवारी वर्तमान में उपजिलाधिकारी की सुरक्षा ड्यूटी में लगे हुए हैं। उन्होंने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी व्यवस्था मनमाने ढंग से तय की जा रही है, जिससे उन्हें 24 से 48 घंटे तक लगातार काम करना पड़ता है।
रमाकांत मिश्र ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस मामले की शिकायत जिला कमांडेंट के साथ-साथ मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और उपजिलाधिकारी को निलंबित नहीं किया गया तो वे अत्यंत कठोर कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं।
इस पूरे मामले पर जिला होमगार्ड कमांडेंट ताज रसूल ने कहा कि तीनों होमगार्ड जवानों की ओर से उपजिलाधिकारी के खिलाफ गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल समेत अन्य आरोपों को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। यह पत्र जिलाधिकारी को अग्रसारित किया जाएगा और जांच समिति गठित करने का निर्णय जिलाधिकारी स्तर से लिया जाएगा।
वहीं, महसी के उपजिलाधिकारी एवं आईएएस अधिकारी आलोक प्रसाद ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि एक दिव्यांग फरियादी जमीन पर घिसटते हुए उनके चैंबर में आया था और कुर्सी पर बैठते समय वह गिरने ही वाला था। इस दौरान तीनों होमगार्ड वहां बैठे रहे और कोई मदद नहीं की। इसी बात पर उन्होंने केवल संवेदनहीनता को लेकर उन्हें फटकार लगाई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जातिसूचक शब्दों या अन्य आरोपों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।


