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उत्तर प्रदेश पुलिस फेल!

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सीपी–जेसीपी से लेकर हाईलेवल बैठक तक बेअसर, लखनऊ की सड़क पर दिखा सिस्टम का सच

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन पूरी तरह बेपटरी नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि न तो पुलिस कमिश्नर (सीपी) का कोई असर दिख रहा है, न ही जॉइंट पुलिस कमिश्नर (जेसीपी) की कार्यवाही का जमीनी खौफ। इससे भी बड़ा सवाल यह है कि शनिवार को हुई हाईलेवल बैठक भी पूरी तरह बेअसर साबित होती नजर आ रही है।

हाईलेवल बैठक बनी सिर्फ कागजी कार्रवाई

शनिवार को लखनऊ पुलिस कमिश्नर, मंडल आयुक्त, लखनऊ डीएम, जॉइंट कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर, नगर आयुक्त सहित तमाम बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक हुई थी। बैठक में कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है।

रकाबगंज चौराहे पर जाम, चौकी इंचार्ज नदारद

हाईलेवल बैठक के अगले ही दिन रकाबगंज चौराहे पर घंटों जाम लगा रहा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके से चौकी इंचार्ज पूरी तरह नदारद रहे। न ट्रैफिक पुलिस दिखी, न स्थानीय पुलिस की मौजूदगी — जाम से जूझती रही आम जनता।

वेस्ट ज़ोन में अफसरों की जिम्मेदारी सवालों के घेरे में

वेस्ट ज़ोन के बड़े अधिकारियों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संकट की घड़ी में अफसर फोन तक उठाने की जहमत नहीं करते। जमीनी हालात से कटे अधिकारी केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित नजर आ रहे हैं।

जब पुलिस गायब, तब जनता बनी ट्रैफिक पुलिस

स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि सड़क पर ट्रैफिक संभालने की जिम्मेदारी आम जनता को उठानी पड़ रही है। लोग खुद आगे आकर वाहनों को निकालते दिखे, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस का तंत्र पूरी तरह नाकाम नजर आया।

सवालों के कटघरे में उत्तर प्रदेश पुलिस

सवाल यह है कि जब सीपी और जेसीपी की कार्यवाही का असर नहीं, जब हाईलेवल बैठकें सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएं, और जब चौकी स्तर पर जिम्मेदार अफसर गायब हों, तो आम नागरिक भरोसा किस पर करे?

राजधानी की बदहाली ने खोली पोल

लखनऊ जैसी राजधानी में यह हालात उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। अगर राजधानी में व्यवस्था संभालने में पुलिस नाकाम है, तो बाकी जिलों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
अब देखना यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस इस खबर को गंभीरता से लेती है या फिर अगली बैठक तक जनता यूं ही सड़क पर सिस्टम संभालती रहेगी।

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