बीते दिनों लखनऊ में अशोक लीलैंड की टीवी फैक्ट्री के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान विपक्ष पर करारा हमला बोला था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति ऐसी थी कि निवेशक राज्य से पलायन कर रहे थे, कानून-व्यवस्था बदहाल थी और उपद्रव का माहौल बना रहता था। लेकिन बीते नौ वर्षों में प्रदेश में निवेश बढ़ा है और उनकी सरकार ने उपद्रव की स्थिति को “उत्सव” में बदल दिया है।
सीएम योगी के इसी बयान पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल से प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा,
“जहाँ भोज पर मनाही है, वहाँ कोई उत्सव क्या मनाएगा।” अखिलेश यादव का यह बयान सीधे तौर पर हाल ही में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा रही।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में पंकज चौधरी ने कड़े शब्दों में ब्राह्मण विधायकों को चेतावनी दी थी, जिसे लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। अखिलेश यादव का इशारा इसी पूरे घटनाक्रम की ओर माना जा रहा है। उनका कहना है कि जब समाज के एक वर्ग के साथ इस तरह का व्यवहार हो और “भोज पर मनाही” जैसी स्थिति बने, तो सरकार द्वारा बताए जा रहे “उत्सव” के दावे खोखले लगते हैं।


