जेल में बंद बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह से लंबी पूछताछ, पत्नी पर भी शिकंजे की तैयारी
लखनऊ। कफ सिरप तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में जेल में बंद बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह से ईडी की पूछताछ लगातार जारी है। मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
तीन घंटे की पूछताछ, लेकिन आलोक सिंह की चुप्पी
ईडी अधिकारियों ने जेल में करीब तीन घंटे तक आलोक सिंह से सवाल-जवाब किए, लेकिन जांच एजेंसी को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। सूत्रों के मुताबिक, आलोक सिंह पूछताछ के दौरान सवालों से बचता रहा, जिससे ईडी असंतुष्ट नजर आई।
अब पत्नी से पूछताछ की तैयारी
ईडी अब इस मामले में आलोक सिंह की पत्नी से पूछताछ की तैयारी कर रही है। जांच में सामने आया है कि लखनऊ में स्थित करोड़ों रुपये की कोठी पत्नी के नाम दर्ज है, जिसे लेकर एजेंसी को गंभीर संदेह है।
10 साल के इनकम टैक्स और बैंक खातों की जांच
ईडी ने आलोक सिंह के पिछले 10 वर्षों के इनकम टैक्स रिटर्न सभी बैंक खातों और लेन-देन चल-अचल संपत्तियों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। कफ सिरप तस्करी से अर्जित आय के ज्ञात और अज्ञात स्रोतों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
सहयोगी अमित टाटा से भी पूछताछ
मामले में आलोक सिंह के सहयोगी अमित टाटा से भी ईडी ने पूछताछ की है, लेकिन उसके जवाबों से भी जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं है। ईडी का मानना है कि कफ सिरप के अवैध कारोबार में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग की FIR दर्ज
कफ सिरप के अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की एफआईआर दर्ज की है। आलोक सिंह और अमित टाटा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और ईडी को जेल में पूछताछ की अनुमति भी मिल चुकी है।
कफ सिरप माफिया पर शिकंजा
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई से कफ सिरप तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसता जा रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


