राजा भैया और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद में पहले ही उनके बेटे और बेटियों की खुली एंट्री हो चुकी थी। अब इस पूरे घटनाक्रम ने एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। ताजा मामला सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने आए गंभीर आरोपों और उनके जवाबी दावों से जुड़ा है, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
राजा भैया की बेटी राघवी कुमारी ने अपने एक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उनके घर के बाहर खड़ी गाड़ी और मुख्य गेट में आग लगा दी गई। राघवी कुमारी के अनुसार यह घटना कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले हुई, जो इसे और भी गंभीर बनाती है। उन्होंने कहा कि उनकी, उनकी मां और बहन की जान को खतरा है और इसी को लेकर उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा की मांग की है।
इस बयान के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। हालांकि, राघवी कुमारी के इन आरोपों पर अब उनके भाई और राजा भैया के बेटे शिवराज प्रताप सिंह ने खुलकर पलटवार किया है। शिवराज प्रताप सिंह ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बहन के आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा कि जिस गाड़ी को जलाए जाने का दावा किया जा रहा है, वह राघवी कुमारी की नहीं बल्कि उनके पड़ोसी हेमंत घेरा की है। उन्होंने लिखा कि राघवी सिंह इस पूरे मामले में बेवजह नाटक कर रही हैं और सोशल मीडिया पर जिस गाड़ी को अपनी बताकर आगजनी का दावा किया गया है, वह वास्तव में पड़ोसी की कार है।
शिवराज प्रताप सिंह ने एफआईआर का हवाला देते हुए कहा कि उसमें स्पष्ट रूप से DL8CAQ6634 नंबर की मर्सिडीज़ कार के जलने का उल्लेख है, जो हेमंत घेरा के नाम पर दर्ज है, न कि राघवी कुमारी या सिंह परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर।
उन्होंने यह भी दावा किया कि तस्वीर देखकर कोई भी जानकार व्यक्ति आसानी से समझ सकता है कि यह स्विफ्ट कार का इंजन नहीं बल्कि मर्सिडीज़ का इंजन है। अपने पोस्ट में शिवराज प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि किसी और की जली हुई गाड़ी की फोटो को अपनी बताकर धूर्तता, चालबाज़ी और षड्यंत्र के तहत उनके पिता और गोपाल काका को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री की कृपा से वह इस कथित चालबाज़ी को सफल नहीं होने देंगे और अच्छा है कि अब ऐसे लोगों का असली चेहरा जनता के सामने आने लगा है, जिससे बेचैनी और बढ़ गई है।


