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लखनऊ नगर निगम की संपत्तियों पर सख्ती, तालाब संरक्षण को लेकर बड़े निर्देश

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संपत्ति विभाग की समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने तय की कार्ययोजना

लखनऊ। नगर निगम की संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सोमवार को संपत्ति विभाग की समीक्षा बैठक कर निगम की भूमि, तालाबों और न्यायालयीन मामलों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को साफ शब्दों में निर्देश दिए गए कि नगर निगम की एक-एक संपत्ति सुरक्षित रहनी चाहिए और अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खाली पड़ी जमीनों पर फेंसिंग तेज करने के निर्देश

नगर आयुक्त ने निगम की खाली पड़ी भूमि पर कराए जा रहे फेंसिंग कार्य की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से प्रस्तावित और चिन्हित सभी जमीनों का विवरण प्रस्तुत करने को कहा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निगम की संपत्तियां शहर की अमूल्य धरोहर हैं, जिनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

तालाबों के संरक्षण पर विशेष फोकस

शहर के तालाबों को बचाने और संवारने के लिए नगर आयुक्त ने संपत्ति विभाग और अभियंत्रण विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। तालाबों पर बायो फेंसिंग, तारबाड़ और सौंदर्यीकरण कराने को कहा गया है। साथ ही जिन तालाबों का अस्तित्व समय के साथ खत्म होता जा रहा है, उनकी पहचान कर खुदाई कराने के निर्देश भी दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि तालाब पर्यावरण संतुलन और जल संरक्षण दोनों के लिए बेहद जरूरी हैं।

अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस नीति

नगर निगम की जमीनों पर हुए अतिक्रमण को लेकर नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी अतिक्रमणों की पहचान कर उन्हें शीघ्र हटाया जाए। अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि दोबारा कब्जे की स्थिति न बने। इसके लिए अभियंत्रण विभाग और लेखपालों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया।

सीमांकन से सुलझेंगे भूमि विवाद

नगर आयुक्त ने तहसील प्रशासन के सहयोग से नगर निगम की सभी सरकारी जमीनों का विधिवत सीमांकन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमांकन से भूमि विवाद कम होंगे और निगम की संपत्तियों की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित हो सकेगी।

न्यायालयीन मामलों में मजबूत पैरवी के निर्देश

बैठक में नगर निगम से जुड़े न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय में लंबित मामलों में निगम की ओर से प्रभावी और मजबूत पैरवी की जाए, ताकि सरकारी संपत्तियों के हितों की रक्षा हो सके।

अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

नगर आयुक्त ने बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाए और नगर निगम की संपत्तियों के संरक्षण, विकास और अतिक्रमण मुक्त शहर के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
बैठक में अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, संपत्ति प्रभारी, राजस्व एवं अभियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद

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