लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए युवक की हत्या कर शव जलाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की सटीक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के दम पर इस जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई गई।
जला हुआ शव मिलने से मचा था हड़कंप
यह मामला 9 जनवरी 2026 का है, जब सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के भागरथी एन्क्लेव के पास एक जला हुआ शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो रहा था, जिससे यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड बन गया था।
मृतक की पहचान: सचिन तिवारी
पुलिस की लगातार जांच, स्थानीय सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पहचान सचिन तिवारी के रूप में हुई। सचिन तिवारी नगराम थाना क्षेत्र के टिकरा जुगरात का रहने वाला था। परिजनों से संपर्क कर शव की पुष्टि कराई गई।
पहचान और सबूत मिटाने के लिए शव को जलाया
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले युवक की चाकू से हत्या की और उसके बाद पहचान व सबूत मिटाने के इरादे से शव को आग के हवाले कर दिया, ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे।
दो आरोपी गिरफ्तार, नाम आए सामने
सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल निहाल वाल्मीकि और करन वाल्मीकि को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

हत्या में प्रयुक्त चाकू, स्कूटी और मोबाइल बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, वारदात में प्रयुक्त स्कूटी और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। बरामद सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
तकनीकी और जमीनी जांच से खुला राज
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। लगातार दबिश के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।
हत्या के पीछे की वजह की जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। हत्या के पीछे आपसी रंजिश, लेन-देन या अन्य कारण होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।

तकनीक और टीमवर्क से टूटा ब्लाइंड मर्डर का रहस्य,दो संदिग्ध रडार पर—डीसीपी साउथ
सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि यह मामला शुरू से ही पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर केस था, जिसमें न तो मृतक की पहचान स्पष्ट थी और न ही कोई प्रत्यक्ष सुराग मौजूद था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने लगातार मेहनत, जमीनी पड़ताल और तकनीकी साक्ष्यों के सहारे इस जघन्य हत्याकांड का सफल खुलासा किया।
डीसीपी साउथ ने बताया कि मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला गया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही और निहाल वाल्मीकि व करन वाल्मीकि को गिरफ्तार किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान दो और संदिग्ध नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका को लेकर पुलिस गंभीरता से पड़ताल कर रही है। इन दोनों को फिलहाल जांच में वंचित (नामजद नहीं) रखा गया है, लेकिन सबूत मिलने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी निपुण अग्रवाल ने कहा कि यह हत्याकांड बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था। हत्या के बाद सबूत और पहचान मिटाने के लिए शव को आग के हवाले किया गया, लेकिन आरोपी पुलिस से बच नहीं सके। फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच जारी है और आगे की विधिक कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।




