उत्तर प्रदेश अब केवल अपने उत्पादों से नहीं, बल्कि अपने पारंपरिक व्यंजनों के स्वाद से भी दुनिया में पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब इसी तर्ज पर एक जिला–एक व्यंजन (ODOC) योजना का शुभारंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के जरिए प्रदेश के हर जिले के प्रसिद्ध व्यंजनों को वैश्विक मंच पर पहुंचाया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार 24 जनवरी को यूपी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत करेंगे। योजना के तहत न केवल जिलों के पारंपरिक व्यंजनों का प्रचार किया जाएगा, बल्कि उनकी आपूर्ति, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय पहचान भी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही समय के साथ गुमनाम हो चुके व्यंजनों को फिर से नई पहचान दिलाई जाएगी।
150 व्यंजनों की सूची तैयार, सीएम कार्यालय भेजी गई
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग ने ओडीओसी योजना के लिए प्रदेशभर से 150 पारंपरिक व्यंजनों की सूची तैयार की है। हर जिले से कम से कम एक विशिष्ट व्यंजन का चयन किया गया है। चयनित व्यंजनों की सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है।
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ओडीओपी की सफलता से प्रेरित है ओडीओसी
निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश से 1.70 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी ओडीओपी उत्पादों की रही। इसी शानदार सफलता से उत्साहित होकर MSME विभाग ने ओडीओसी योजना का खाका तैयार किया है।
दुनिया की जुबां पर चढ़ेगा यूपी का स्वाद
यूनेस्को द्वारा हाल ही में लखनऊ को “क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी” का दर्जा दिया गया है। ओडीओसी योजना के लागू होने के बाद लखनऊ समेत पूरे प्रदेश के व्यंजन अंतरराष्ट्रीय फूड मैप पर अपनी खास जगह बनाएंगे।
ओडीओसी सूची में शामिल प्रमुख व्यंजन
ओडीओसी योजना की सूची में प्रदेश के कई प्रसिद्ध व्यंजन शामिल किए गए हैं, जिनमें—
लखनऊ : रेवड़ी, मक्खन मलाई, आम से बने उत्पाद
वाराणसी : तिरंगा बर्फी, मलाई आधारित मिठाइयां
आगरा : पेठा
बाराबंकी : चंद्रकला
मथुरा : माखन मिश्री
फर्रुखाबाद : दालमोंठ
शाहजहांपुर : लौंग बर्फी
सिद्धार्थनगर : मखाना
गोरखपुर : लिट्टी–चोखा
कानपुर : लड्डू
मेरठ : रेवड़ी और गजक
बुलंदशहर : खुरचन
सहित अन्य जिलों के पारंपरिक व्यंजनों को सूची में शामिल किया गया है।
योजना का उद्देश्य और लाभ
ओडीओसी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर जिले के खास व्यंजनों को राज्य स्तरीय और वैश्विक ब्रांड बनाना है, ताकि वे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, फूड फेस्टिवल और अंतरराष्ट्रीय मेलों के माध्यम से देश-विदेश में लोकप्रिय हो सकें।
इससे स्थानीय छोटे कारोबारियों, हलवाइयों और उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण व शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सरकार इस योजना के तहत—
व्यंजनों की GI (भौगोलिक संकेतक) टैगिंग में मदद करेगी
आधुनिक और भारतीय पहचान वाली पैकेजिंग का प्रशिक्षण देगी
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खानपान मेलों में उत्पादों के प्रदर्शन में सहयोग करेगी
स्वाद से समृद्धि की ओर यूपी
ओडीओसी योजना उत्तर प्रदेश को न केवल स्वाद की राजधानी के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि रोजगार, निर्यात और स्थानीय उद्योगों को भी नई उड़ान देगी। यह योजना साबित करेगी कि यूपी की पहचान अब सिर्फ इतिहास और संस्कृति से नहीं, बल्कि उसके अनूठे स्वाद से भी होगी।





