जलकल विभाग की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
लखनऊ। मकर संक्रांति जैसे पावन पर्व पर भी जनता को मूलभूत सुविधा पानी से वंचित रहना पड़ा। हजरतगंज जोन-1 के जय प्रकाश नगर बालू अड्डा इलाके में हालात इतने बदतर रहे कि लोगों को न स्नान के लिए पानी मिला और न ही पीने के लिए। स्थिति यह है कि बीते दो दिनों से लोग मजबूरी में बाहर से पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

सीएम आवास के पास जल संकट, सिस्टम पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि जिस इलाके में पानी की एक-एक बूंद को लोग तरस रहे हैं, वह मुख्यमंत्री आवास से महज कुछ मिनट की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद जलकल विभाग की उदासीनता इतनी गहरी है कि जनता की शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।

पावन स्नान भी अधूरा, आस्था पर भी असर
मकर संक्रांति और गंगा स्नान के पावन अवसर पर पानी न मिलने से लोगों की धार्मिक आस्था भी आहत हुई। लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से विशेष व्यवस्थाओं के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद जलकल विभाग ने जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया।
पीने के पानी के साथ वाशरूम की भी गंभीर समस्या
पानी की किल्लत सिर्फ पीने तक सीमित नहीं है। इलाके के लोग वाशरूम जाने जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी परेशान हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जनता के मूल अधिकार पर डाका?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलकल विभाग की लापरवाही अब जनता के मूल अधिकारों पर डाका डालने जैसी हो गई है। बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो सप्लाई बहाल की गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
जोन-1 की जनता ने मांग की है कि जलकल विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और तत्काल पानी की आपूर्ति बहाल की जाए। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब मुख्यमंत्री के निर्देशों का भी पालन नहीं हो रहा, तो आम जनता आखिर जाए तो जाए कहां?राजधानी के वीआईपी इलाके में जल संकट ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और जनता को कब राहत मिलती है।





