“जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत हुआ आयोजन
उत्तराखंड के गंगोरी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शनिवार को “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण और ग्राम्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्वयं पहुंचकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
47 शिकायतें दर्ज, 32 का तत्काल समाधान
जनसुनवाई शिविर में कुल 47 शिकायतें और समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 32 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष समस्याएं विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित थीं, जिन्हें समयबद्ध तरीके से प्रस्ताव बनाकर संबंधित विभागों को भेजने के निर्देश दिए गए।
45 दिवसीय अभियान से लाखों लोग लाभान्वित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि प्रदेशभर में 45 दिनों तक विशेष जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से अब तक 2 लाख 72 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान सरकार की एक अनूठी पहल है, जिसके जरिए जनता की समस्याओं का समाधान सीधे उनके द्वार पर किया जा रहा है।
महिला और किसान सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मंत्री ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। अब तक 1 लाख 65 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो खेती, गृह उद्योग और समूह गतिविधियों के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं।
किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक अनुदान पर कृषि यंत्र, बीज और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
लापरवाही पर सख्त रुख
शिविर में ईई पेयजल निगम की अनुपस्थिति पर कैबिनेट मंत्री ने नाराजगी जताई और सीडीओ को संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए, जिससे प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश गया।
सड़क, विकास कार्य और वित्तीय सहायता से जुड़े निर्देश
- गंगोरी–अगोड़ा सड़क मार्ग के सुधारीकरण की मांग उठी
- गंगोत्री नेशनल हाईवे से उत्तरों गांव को जोड़ने वाली सड़क पर पीएमजीएसवाई और राजस्व विभाग को संयुक्त निरीक्षण के निर्देश
- उत्तरों से डिंगला तक सड़क और सेकु गांव को सड़क से जोड़ने के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश
स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता
शिविर में सामुदायिक निवेश फंड के तहत स्वयं सहायता समूहों को चेक वितरित किए गए—
- मां गंगा स्वयं सहायता समूह: 9 लाख रुपये
- कालेश्वर महिला स्वयं सहायता समूह: 11 लाख रुपये
- प्रगति महिला स्वयं सहायता समूह: 3.75 लाख रुपये
इसके साथ ही तीन प्रगतिशील किसानों को पावर वीडर वितरित किए गए। रीप परियोजना के तहत धराली आपदा से प्रभावित 67 परिवारों के स्वयं सहायता समूहों को 2 करोड़ 1 लाख रुपये की सहायता राशि के डमी चेक प्रदान किए गए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा 45 प्रमाण पत्र भी जारी किए गए।
सरकारी योजनाओं की जानकारी
गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान, दिव्यांगजनों को पेंशन और श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष जंगली जानवरों से फसल क्षति को फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है।





