उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार, 17 जनवरी 2026 को वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें काशी का विकास रास नहीं आ रहा है, इसलिए वे लगातार झूठे और भ्रामक प्रचार के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।वाराणसी के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काशी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने का काम कर रही हैं।
काशी में 55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं
सीएम योगी ने कहा कि आज काशी अभूतपूर्व विकास देख रही है। उन्होंने बताया कि वाराणसी में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं, जो शहर की नई पहचान बना रही हैं।
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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि इसके निर्माण के समय कुछ लोगों ने टूटी हुई मूर्तियों को दिखाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की थी, लेकिन आज सच्चाई सबके सामने है। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर बनने के बाद रोजाना 1 से 1.5 लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या सिर्फ 10 से 15 हजार थी।
मणिकर्णिका घाट के विकास पर भी लगाए जा रहे आरोप
सीएम योगी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट के पुनर्निर्माण और विकास को लेकर भी कांग्रेस और उसके समर्थक बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशी की जनता सच्चाई जानती है और विकास कार्यों के साथ मजबूती से खड़ी है।
भ्रामक प्रचार करने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जो लोग सोशल मीडिया के जरिए झूठी जानकारी फैलाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि सरकार विकास और विरासत दोनों के संरक्षण के अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से आगे बढ़ेगी।
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री के बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,”ये बात काशी के घाट पर जाकर, काशीवासियों की आंखों में आंखें डालकर कह सकते हैं क्या? यह सवाल नहीं, चुनौती है, दुर्भाग्यपूर्ण!”





