हल्द्वानी। कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत ने जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता का एक-एक पैसा वापस कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मामला हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा निवासी एक व्यक्ति की शिकायत से सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ द्वारा निवेशकों से धोखाधड़ी कर उनकी धनराशि वापस नहीं की जा रही है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त ने कंपनी के सीईओ बिमल रावत को कार्यालय बुलाया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासनिक अमले के साथ सतलोक कॉलोनी, फेज-6, रणवीर गार्डन के पास स्थित कंपनी कार्यालय पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान मंडलायुक्त ने कंपनी से जुड़े दस्तावेज, लेनदेन का विवरण, बैलेंस शीट और ऑनलाइन पोर्टल का डेटा मांगा, लेकिन सीईओ कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। कंपनी के पोर्टल पर भी निवेश से संबंधित कोई ठोस जानकारी नहीं दिखाई जा सकी। इस दौरान 10 से 11 अन्य निवेशक भी मौके पर पहुंचे और अपनी जमा धनराशि वापस दिलाने की मांग करते हुए प्रशासन से कार्रवाई की अपील की। जांच में सामने आया कि कंपनी के नाम पर निवेश करने के बजाय सीईओ द्वारा व्यक्तिगत रूप से दो स्थानों पर जमीन खरीदी गई है। साथ ही कंपनी पर करीब 3900 निवेशकों की देनदारी होने की बात भी स्वीकार की गई।
जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी के आईडीएफसी बैंक खाते में मात्र 42,455 रुपये और एचडीएफसी बैंक खाते में लगभग 50 हजार रुपये ही शेष हैं, जबकि 25 माह में पैसा दोगुना करने का लालच देकर करीब 8 हजार लोगों से लगभग 39 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे। इसके अलावा कंपनी द्वारा मल्टीलेवल मार्केटिंग के तहत मीडिएटर्स को इंसेंटिव देने की व्यवस्था भी की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त दीपक रावत ने मल्टीलेवल मार्केटिंग एवं पिरामिड स्कीम से जुड़े कानूनों के उल्लंघन, कंपनी एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन, कंपनी के धन का व्यक्तिगत संपत्तियों में उपयोग तथा पीड़ित निवेशकों की शिकायतों के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।





