लखनऊ। देश की संसद, विधानसभाओं और विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारियों का सबसे बड़ा राष्ट्रीय मंच 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन आज से राजधानी लखनऊ में शुरू हो रहा है। तीन दिवसीय इस सम्मेलन की थीम “सशक्त विधायिका, समृद्ध राष्ट्र” रखी गई है।
सम्मेलन का शुभारंभ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल संयुक्त रूप से करेंगी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे सहित देश के 28 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं तथा 6 राज्यों की विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन के दौरान सदन के प्रभावी संचालन, सुशासन, विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय परंपराओं और नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही समसामयिक विधायी विषयों और लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने से जुड़े मुद्दों पर भी गहन मंथन होगा।
आयोजकों के अनुसार, यह सम्मेलन विधायिकाओं को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। राजधानी लखनऊ में चौथी बार इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।
उम्मीद जताई जा रही है कि तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन से देश की संसद, विधानसभाओं और विधान परिषदों को नई दिशा और ठोस सुझाव प्राप्त होंगे, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी





