काशी के विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर चल रहे रिनोवेशन कार्य को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। घाट के नवीनीकरण के दौरान मंदिरों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि मणिकर्णिका घाट से जुड़े जो फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं, वे एआई जनरेटेड हैं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि इन भ्रामक तस्वीरों के जरिए सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार के दावों को सिरे से खारिज करते हुए लगातार फोटो और वीडियो जारी कर रहा है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर तंज कसा है। अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शायराना अंदाज में पोस्ट करते हुए लिखा—
“मोतियों की तरह पिरोयी जाती हैं,
धरोहरें तोड़ी नहीं संजोयी जाती हैं।”
https://x.com/i/status/2013212742266884282
सरकार जहां वायरल तस्वीरों और वीडियो को फर्जी बताते हुए कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं इस मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बावजूद विपक्ष लगातार सरकार पर सांस्कृतिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगा रहा है।मणिकर्णिका घाट रिनोवेशन को लेकर चल रही इस सियासी खींचतान ने अब तूल पकड़ लिया है।





