एनडीआरएफ आज अपना 21वां स्थापना दिवस मना रहा है, इस मौके पर पीएम मोदी ने बधाई देते हुए इस बल की जमकर तारीफ की है। NDRF ने देश-विदेश में कई ऑपरेशन पूरे कर अब तक 1.5 लाख लोगों की जिंदगी बचाई है। जानते हैं NDRF की स्थापना कब हुई, साथ ही इस बल ने कौन से बड़े रेस्क्यू ऑपरेशनों को अंजाम दिया?
नई दिल्ली: भारत में बाढ़, भूकंप, पहाड़ों का टूटना जैसी कई प्राकृतिक आपदाएं आम बन चुकी हैं। लेकिन अब इन आपदाओं के कारण आम जनजीवन ठहर जाता है तो उसे वापस पटरी पर लाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को जिम्मेदारी सौंपी जाती है। हर साल 19 जनवरी को एनडीआरएफ का स्थापना दिवस मनाया जाता है। क्या आप सभी जानते हैं NDRF का क्या काम है, इसकी स्थापना कब की गई है, यह किस मंत्रालय के अधीन काम करता है और देश तथा विदेश में NDRF ने किन बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
NDRF की स्थापना कब हुई?
भारत में एनडीआरएफ की स्थापना साल 2006 के तहत की गई थी, और इसमें कुल 16 बटालियन हैं। एक बटालियन में करीब 1200 जवान होते हैं, जो कि देश के अलग – अलग कोनों में तैनात किए गए हैं। वर्तमान में एनडीआरएफ की कमान IPS पीयूष आनंद संभाल रहे हैं, जो कि महानिदेशक के पद पर तैनात हैं।
- मुख्यालय: नई दिल्ली
- मोटो: आपदा सेवा सदैव सर्वत्र
- उपलब्धि: अब तक 1.5 लाख से ज्यादा जानें बचाईं हैं और लाखों लोगों को सुरक्षित निकाला है।
NDRF का काम क्या है?
NDRF भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन एक विशेष बल है, जो कि प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं जैसे की बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, बिल्डिंग गिरना के समय राहत और बचाव कार्य करता है। इसके अलावा वर्तमान में यह बल, स्वच्छ भारत अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, कुपोषण के प्रति जागरूकता जैसे अभियानों में सहायता कर रहा है। स्थापना के बाद से ही NDRF ने देश सहित विदेशों में भी कई राहत एवं बचाव कार्य पूर्ण किए हैं। इस बल ने पिछले 20 सालों में लाखों लोगों की जान बचाई है। ऐनडीआरएफ महानिदेशक पीयूष आनंद के अनुसार, अब तक 1,59,293 से ज्यादा जानें बचाई गई हैं और 8,64,316 से अधिक फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
विदेशों में भी किए कई मिशन –
2011 की जापान आपदा, 2015 का नेपाल भूकंप, 2023 का तुर्की भूकंप और 2025 का म्यांमार भूकंप जैसी बड़ी आपदाओं के दौरान NDRF की शीघ्र और कुशल प्रतिक्रिया ने वैश्विक स्तर पर प्रशंसा बटोरी है। इस बल के कठोर प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग ने इन उपलब्धियों को संभव बनाया है।
भारत में NDRF के बड़े ऑपरेशन –
- सिल्क्यारा टनल ऑपरेशन – (नवंबर 2023)
- केरल बाढ़ (2018)
- चेन्नई बाढ़ (2015)
- उत्तराखंड बाढ़/ भूस्खलन (2013) – ऑपरेशन सूर्या होप
पीएम मोदी हुए NDRF के फैन –
NDRF सोमवार को अपना 21वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक संदेश साझा करते हुए बल के जवानों की बहादुरी एवं उनके समर्पण की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि NDRF के जवान संकट के समय सबसे आगे बढ़कर लोगों की जानें बचाते हैं, राहत प्रदान करते हैं तथा उम्मीद की किरण जगाते हैं।
भारतीय सेना ने भी दी बधाई –
इस अवसर पर भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशक जन सूचना (एडीजीपीआई) ने भी एनडीआरएफ को बधाई दी। एडीजीपीआई – इंडियन आर्मी ने X पोस्ट में लिखा कि, ‘ आपदा सेवा सदैव सर्वत्र ‘ जो कि हमारे NDRF का मोटो भी है, जनरल उपेंद्र द्विवेदी, सीओएएस और भारतीय सेना के सभी रैंक, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) के सभी जवानों और उनके परिवारों को 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हैं।”


