37 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने कराया पंजीकरण, 4000 करोड़ से अधिक का राजस्व जुटा
प्रदेशभर में योजना को मिला समर्थन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लागू बिजली बिल राहत योजना को उपभोक्ताओं का बड़ा समर्थन मिल रहा है। योजना की शुरुआत के बाद से अब तक लाखों उपभोक्ता इससे जुड़ चुके हैं, जिससे पावर कॉरपोरेशन के राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों के मुताबिक यह योजना बकायेदार उपभोक्ताओं के लिए राहत के साथ-साथ विभागीय वसूली को भी मजबूती दे रही है।
अध्यक्ष के सख्त निर्देश, अब मैदान में उतरेंगे अधिकारी

पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सिर्फ कार्यालयों में बैठकर काम नहीं चलेगा। अब फील्ड में जाकर उपभोक्ताओं से सीधा संपर्क करना होगा।
उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं पर बकाया है, उनसे फोन कॉल, व्यक्तिगत मुलाकात और नोटिस के जरिए संपर्क कर योजना का लाभ समझाया जाए।
गांव-गांव कैंप, माइक्रो प्लान पर काम
योजना को गति देने के लिए विशेष रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन इलाकों और गांवों में बकायेदारों की संख्या अधिक है, वहां विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर पंजीकरण कराएंगे ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता योजना से वंचित न रहे।
बिजली चोरी मामलों में भी राहत का मौका
बिजली चोरी से जुड़े उपभोक्ताओं को भी योजना के तहत राहत का अवसर दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी देकर कानूनी विवाद, एफआईआर और कोर्ट-कचहरी से बचने का विकल्प समझाया जाए। विभाग का मानना है कि यह मौका बार-बार नहीं मिलेगा।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि जिन क्षेत्रों में योजना का प्रदर्शन कमजोर रहेगा, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और एजेंसियों को प्रोत्साहन देने की भी व्यवस्था की गई है।
पूर्वांचल डिस्कॉम रहा सबसे आगे
आंकड़ों के मुताबिक योजना में सबसे बेहतर प्रदर्शन पूर्वांचल डिस्कॉम का रहा है, जहां सबसे ज्यादा पंजीकरण और राजस्व संग्रह दर्ज किया गया है। अन्य डिस्कॉम को भी इसी स्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे चरण में ज्यादा छूट, तीसरे में होगी कटौती
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे योजना के दूसरे चरण में जल्द से जल्द पंजीकरण कर बकाया जमा कर दें, क्योंकि आगे चलकर छूट की राशि में कमी हो सकती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में आरडीएसएस योजना के तहत चल रहे आधुनिकीकरण, स्काडा और भूमिगत केबल कार्यों की गुणवत्ता पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्य समय से पूरे हों, सुरक्षा मानकों का पालन हो और सड़क कटिंग के बाद मरम्मत में देरी न हो।
राहत भी, राजस्व भी—बिजली बिल योजना ने बदली तस्वीर
बिजली बिल राहत योजना प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के लिए संजीवनी साबित हो रही है। वर्षों से बकाया बिलों के बोझ तले दबे उपभोक्ताओं को जहां इस योजना से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग की आर्थिक सेहत भी पहले से कहीं मजबूत हुई है। भारी संख्या में हुए पंजीकरण और हजारों करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह ने यह साफ कर दिया है कि यदि योजनाएं सही रणनीति और सख्त निगरानी के साथ लागू हों, तो परिणाम सकारात्मक आते हैं।
अब असली परीक्षा अंतिम चरण की है—जहां विभाग को यही रफ्तार बनाए रखते हुए हर पात्र उपभोक्ता तक पहुंचना होगा, ताकि योजना का अधिकतम लाभ जमीन पर दिखाई दे और बकायेदारी की समस्या पर स्थायी रूप से अंकुश लगाया जा सके।





