प्रोजेक्शन मैपिंग से इतिहास, संस्कृति और लोकतांत्रिक यात्रा का भव्य दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और लोकतांत्रिक विकास यात्रा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत करने वाला भव्य ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम रविवार रात लखनऊ स्थित विधान भवन में शुरू हुआ। इस अनूठे और आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की उपस्थिति में किया।
अत्याधुनिक तकनीक से सजी इतिहास की जीवंत झलक
विधान भवन के भव्य गुंबद पर ‘प्रोजेक्शन मैपिंग’ तकनीक के जरिए तैयार इस विशेष कार्यक्रम में हजारों वर्षों पुराने इतिहास को दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया। आधुनिक प्रकाश संयोजन, प्रभावशाली ध्वनि और सशक्त कथानक के माध्यम से प्रदेश की गौरवशाली यात्रा को जीवंत बना दिया गया।

रामायण काल से आधुनिक उत्तर प्रदेश तक का सफर
कार्यक्रम के दौरान रामायण और महाभारत काल, बौद्ध परंपरा, मध्यकालीन इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक भूमिका तक की झलक दिखाई गई। प्रकाश और चित्रों के संयोजन ने विधान भवन के गुंबद को मानो इतिहास की चलती-फिरती पुस्तक में बदल दिया, जिसे देखकर दर्शक भावविभोर नजर आए।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह प्रयोग तकनीकी नवाचार के साथ-साथ प्रदेश के गौरवशाली अतीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने इसे देश के विधान भवनों में अपनी तरह का पहला अभिनव प्रयास बताया।
नवीनीकृत कॉरिडोर का भी हुआ उद्घाटन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधान भवन के भूतल में स्थित नवीनीकृत कॉरिडोर का भी उद्घाटन किया। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह कॉरिडोर विधान भवन की भव्यता और कार्यक्षमता को नया आयाम देता है।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौजूदगी रही। ऐतिहासिक प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा और इसे उत्तर प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देने वाला कदम बताया


