AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में हिजाब पहनने वाली महिला के प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर की उन्होंने कहा कि जो लोग इसके विरोध में हैं, वे पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर खूब चर्चा बटोरी।
इस बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी प्रतिक्रिया दी यूपी की सहारनपुर सीट से सांसद इमरान मसूद ने कहा कि उन्हें हिजाब पहनने से कोई समस्या नहीं है, लेकिन परेशानी यह है कि हिजाब को टारगेट करके नफरत फैलाने की बातें की जा रही हैं “हिजाब पहनना कोई गुनाह नहीं है, यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है। भारतीय संस्कृति में भी सिर पर पल्लू रखा जाता है। इससे ऐतराज क्यों? इससे नफरत क्यों फैलाना चाहते हैं? संविधान में तो लिखा नहीं कि मुसलमान प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। ऐसे बयान देने से कुछ हासिल नहीं होता ” – इमरान मसूद
ओवैसी का बयान
ओवैसी ने पहले कहा था कि उन्होंने पिछले दो साल से यह कहा है कि उनकी इच्छा है कि हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बने, उन्होंने सवाल उठाया कि इसमें क्या गुनाह है और क्या संविधान इसे रोकता है, उन्होंने कहा, “हम भी तो यहीं कह रहे हैं कि ख़्वाब देखें और उन्हें पूरा करने के लिए काम करें, अगर किसी को तकलीफ हो रही है तो आप पाकिस्तान की ज़ुबान में बात कर रहे हैं, पाकिस्तान में मज़हब के आधार पर प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनते हैं, लेकिन हमारे संविधान में ऐसा नहीं है।”
इमरान मसूद ने यह भी जोर दिया कि देश में बहुत बुनियादी मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा करना ज्यादा ज़रूरी है, हिजाब या धार्मिक प्रतीक को लेकर नफरत फैलाना कोई समाधान नहीं है।
इस तरह से हिजाब पर ओवैसी और मसूद के बीच बहस ने राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को गहरा कर दिया है।





