प्रयागराज / उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने प्रयागराज जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुलकर मोर्चा खोल दिया है। माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की पालकी रोके जाने की घटना को लेकर उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
“शंकराचार्य का अपमान पूरे सनातन धर्म का अपमान”
पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने कहा कि शंकराचार्य का अपमान केवल एक संत का नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि माघ मेले के दौरान तैनात कुछ अधिकारियों ने अपनी मर्यादा और जिम्मेदारी को भूलते हुए शंकराचार्य की पालकी को रोक दिया।
शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप
सुनील भराला ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिष्यों को कॉलर पकड़कर पीटा गया, जो अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
अधिकारियों को बताया “दानव प्रवृत्ति” का
पूर्व मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “दानव प्रवृत्ति” का बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रहे हैं और संत समाज के सम्मान की परंपरा को तोड़ रहे हैं।
प्रशासन पर जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने का आरोप
सुनील भराला ने कहा कि संत समाज का सम्मान करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस घटना में प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि माघ मेला जैसे धार्मिक आयोजन में इस तरह की घटनाएं अत्यंत गंभीर हैं।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
पूर्व मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो संत समाज और सनातन धर्म को मानने वाले लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।



