उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में जिम की आड़ में चल रहे एक संगठित आपराधिक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह जिम में आने वाली युवतियों को पहले दोस्ती और भावनात्मक संबंधों में उलझाता था, फिर आपत्तिजनक सामग्री के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था। अब तक पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और पांच जिमों को सील कर दिया गया है। मुख्य आरोपी फरीद, जो एक जिम का संचालक और ट्रेनर बताया जा रहा है, को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। उसे घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है आरोपों की पूरी कहानी?
देहात कोतवाली थाना क्षेत्र की दो युवतियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि जिम ट्रेनर शेख अली आलम और उसके सहयोगियों ने उन्हें जिम में प्रशिक्षण के दौरान नजदीकियां बढ़ाकर भावनात्मक रूप से फंसाया। इसके बाद आरोपियों ने उनके साथ आपत्तिजनक हरकतें कीं, फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए, और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग की।पीड़िताओं के अनुसार, उनके नाम पर ऋण भी लिया गया और उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। उन्होंने बताया कि उन्हें विशेष धार्मिक पहनावे और धार्मिक गतिविधियों का पालन करने के लिए मजबूर किया गया, साथ ही विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शेख अली आलम,फैजल खान,जहीर,सादाब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।इसके बाद मुख्य आरोपी फरीद की तलाश शुरू की गई। पुलिस के मुताबिक, बरकछा क्षेत्र के जंगल में उसे पकड़ने के प्रयास के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। उसके पास से अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए।फरीद को आयरन फायर जिम का मालिक बताया जा रहा है और पुलिस का कहना है कि वही इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बयान
अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि— “यह एक संगठित गिरोह था, जो जिम के माध्यम से युवतियों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग और अवैध धर्मांतरण जैसी गतिविधियों में लिप्त था। जांच जारी है और पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।”
वहीं, बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार इस तरह की गतिविधियों को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित जिमों की विस्तृत जांच की जा रही है,दस्तावेजों और गतिविधियों की फोरेंसिक व तकनीकी समीक्षा हो रही है,पीड़िताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है, ताकि उन पर किसी तरह का दबाव न डाला जा सके।अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में जो भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


