उत्तराखंड सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति एक बार फिर सख्त कार्रवाई के रूप में सामने आई है। होमगार्ड विभाग में सामने आए वर्दी घोटाले के मामले में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए डीआईजी स्तर के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार, लापरवाही या किसी भी तरह की अनियमितता को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, कार्रवाई तय है और सरकार अपने फैसले पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान “देखिए, यह पहले से ही हमने स्पष्ट कर रखा है कि कहीं पर भी किसी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या गड़बड़ी होगी तो उसमें कोई समझौता नहीं होगा। होमगार्ड का प्रकरण सामने आया है, प्रारंभिक रूप से सस्पेंशन की कार्रवाई की गई है और जांच कमेटी नियुक्त की गई है।”
सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।





