प्रयागराज: माघ मेले के वसंत पंचमी स्नान पर्व पर संगम तट श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आया, सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, प्रशासन के अनुसार, अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं, जबकि शाम तक यह संख्या साढ़े तीन करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, संगम तट पर साधु-संतों की अनोखी वेशभूषा श्रद्धालुओं का मुख्य आकर्षण बनी हुई है। इसी बीच अपने अलग अंदाज और आस्था के कारण चर्चा में आए ‘गूगल गोल्डन बाबा’ ने बड़ा ऐलान किया।
योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प
गोल्डन बाबा ने घोषणा की कि जब तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नहीं बन जाते, तब तक वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे, उन्होंने अपने साढ़े चार किलो वजनी चांदी के जूतों का त्याग कर दिया है, बाबा का कहना है कि वे योगी आदित्यनाथ को हनुमान जी का स्वरूप मानते हैं और इसी आस्था के साथ यह संकल्प लिया है।
गोल्डन बाबा का असली नाम स्वामी मनोजानंद महाराज है और वे मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं, अपने भारी सोने-चांदी के आभूषणों के कारण वे गोल्डन बाबा के नाम से प्रसिद्ध हैं, उनके आभूषणों में चांदी का मुकुट, सोने-चांदी से जड़ा शंख, देवी-देवताओं की आकृतियों वाली अंगूठियां और शुद्ध सोने से बनी लड्डू गोपाल की प्रतिमा शामिल हैं, उनके अनुसार, वे करीब 5 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण धारण करते हैं।
देशभर में तीर्थयात्राओं का संकल्प
गोल्डन बाबा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 से भीष्म प्रतिज्ञा ले रखी है और वे देश के सभी राज्यों में तीर्थ यात्राएं कर रहे हैं, उनका विश्वास है कि योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने से गौहत्या बंद होगी और देश में धर्म-संस्कृति की रक्षा होगी, इसी आस्था के साथ बाबा ने चांदी के जूतों का त्याग कर अपनी यात्रा जारी रखने का ऐलान किया।
साधु वेश में डॉक्टर भी पहुंचे संगम
इस अवसर पर प्रयागराज के प्रसिद्ध बेली हॉस्पिटल के नेत्र सर्जन डॉ. के.के. मिश्रा भी साधु के वेश में संगम पहुंचे, हाथ में डमरू और त्रिशूल लिए, वे शंखनाद करते नजर आए, जिसे देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए वहीं, मौनी बाबा ने भी अनोखी तपस्या करते हुए लगभग डेढ़ किलोमीटर तक लेटते हुए संगम पहुंचकर स्नान किया, स्नान के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं को रसगुल्ले प्रसाद के रूप में वितरित किया।





