डीजीपी राजीव कृष्ण ने फहराया तिरंगा, शहीदों को किया नमन
लखनऊ। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय सहित तिलक मार्ग स्थित आवास/कैम्प कार्यालय में गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान के मूल्यों पर आधारित सेवा का संकल्प दिलाया।
शहीदों के बलिदान से जन्मा है हमारा गणराज्य
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि देश के अमर बलिदानियों के त्याग से ही भारत का गणराज्य अस्तित्व में आया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के उन वीर शहीदों का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया, जिन्होंने जनता की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

सुशासन और जीरो टॉलरेंस अब नीति नहीं, कार्यसंस्कृति
डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस प्रोफेशनलिज़्म, तत्परता और अपराध के प्रति Zero Tolerance के सिद्धांत पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब जीरो टॉलरेंस रोज़मर्रा की पुलिसिंग का हिस्सा बनता है, तभी उसका वास्तविक प्रभाव दिखाई देता है।
संविधान आधारित पुलिसिंग पर ज़ोर
उन्होंने कहा कि संविधान पुलिस के लिए केवल मार्गदर्शक नहीं, बल्कि प्रोफेशनल स्टैंडर्ड है।Rule of Law का अर्थ है कि हर कार्रवाई निष्पक्ष, तथ्य आधारित और व्यक्ति-निरपेक्ष हो। हर नागरिक को समान सुरक्षा, समान सुनवाई और सम्मान मिले — यही लोकतांत्रिक पुलिसिंग की आत्मा है।
नागरिक-केंद्रित सेवा से बनेगा भरोसे का रिश्ता
पुलिस महानिदेशक ने थानों पर व्यवहार, शिकायत की समयबद्ध सुनवाई और स्पष्ट संवाद को नागरिक विश्वास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि जन-शिकायत निस्तारण न्याय तक पहुंच का सबसे नज़दीकी माध्यम है, जिसे और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति को मिलेगी और मजबूती
महिला अपराधों की रोकथाम को लेकर उन्होंने संवेदनशील सुनवाई, त्वरित सहायता और प्रभावी विवेचना को प्राथमिकता बताया। मिशन शक्ति तंत्र को ग्राउंड-लेवल सपोर्ट सिस्टम के रूप में और सशक्त किए जाने पर बल दिया गया।

साइबर अपराध से निपटने के लिए तकनीक और प्रशिक्षण
डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध आज केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक क्षति का कारण भी बनते हैं। इसके लिए जनपद स्तर पर प्रशिक्षित Cyber Help Desk को मजबूत किया जा रहा है, ताकि पीड़ितों को त्वरित सहायता मिल सके।

वैज्ञानिक विवेचना से मजबूत होगा न्याय तंत्र
उन्होंने बताया कि 18 फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थापना से वैज्ञानिक जांच का दायरा बढ़ा है। यूपी स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (UPSIFS) के माध्यम से प्रशिक्षण और शोध को संस्थागत आधार मिला है, जिससे विवेचना की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

पुलिस वेलफेयर और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान
डीजीपी ने कहा कि पुलिस की शक्ति केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि मनोबल, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण से बनती है।
60,000 नव-भर्ती कांस्टेबलों के लिए Hybrid Mode Specialised Training को लागू किया गया है, जिसमें संवैधानिक आचरण, नागरिक-मित्र व्यवहार और आपात प्रतिक्रिया पर विशेष फोकस है।
पदक विजेताओं को मिला सम्मान
गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस के कई कार्मिकों को वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया। पुलिस महानिदेशक ने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



