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बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद बवाल, डीएम पर बंधक बनाने की कोशिश का आरोप

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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद जिले में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर इस्तीफे की हार्ड कॉपी सौंपने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिलाधिकारी ने उन्हें अपने आवास के अंदर बंधक बनाने की कोशिश की। डीएम आवास से बाहर निकलते ही अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह इस्तीफा लेकर डीएम आवास के अंदर गए थे, जहां कथित तौर पर उन्हें रोकने का प्रयास किया गया।

बताया जा रहा है कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पहले डीएम आवास के अंदर गए थे और वहीं इस्तीफे की हार्ड कॉपी सौंपी। इसके तुरंत बाद बाहर निकलकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए, जिससे पूरे जिले में मामला चर्चा का विषय बन गया है। कानपुर नगर के मूल निवासी अलंकार अग्निहोत्री का डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन वर्ष 2019 में हुआ था। इसके बाद उन्होंने उन्नाव, बलरामपुर, एटा और लखनऊ में बतौर डिप्टी कलेक्टर सेवाएं दीं। 19 मई 1982 को जन्मे अलंकार अग्निहोत्री ने 27 मई 2025 को बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद का कार्यभार ग्रहण किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राह्मण समाज के सांसद और विधायक इस मुद्दे पर चुप हैं और “कॉरपोरेट कंपनी के कर्मचारियों की तरह काम कर रहे हैं।” उन्होंने ब्राह्मण सांसदों और विधायकों से इस्तीफा देकर समाज के साथ खड़े होने की अपील भी की।

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे पत्र में अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या स्नान के समय हुई घटना का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि ज्योतिष पीठ ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द,उनके शिष्य बटुक ब्राह्मणों के साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा मारपीट की गई। पत्र में कहा गया है कि बटुक ब्राह्मण को जमीन पर गिराकर उसकी शिखा पकड़कर घसीटा गया, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा का हनन हुआ।

अलंकार अग्निहोत्री ने लिखा कि चोटी/शिखा ब्राह्मण, साधु-संतों का धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक है और वह स्वयं ब्राह्मण वर्ण से हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “स्थानीय प्रशासन और वर्तमान राज्य सरकार ब्राह्मण विरोधी विचारधारा के साथ काम कर रही है और साधु-संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रही है।” इस्तीफे मे उन्होंने UGC कानून का भी विरोध किया है।

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