Home Uttar Pradesh योजना भवन में विकास की समीक्षा, केशव मौर्य ने रखी ग्रामीण अर्थव्यवस्था...

योजना भवन में विकास की समीक्षा, केशव मौर्य ने रखी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बड़ी रूपरेखा

57
0

सीडीओ संग बैठक में स्वयं सहायता समूहों, महिला सशक्तिकरण और स्मार्ट गांव पर फोकस

लखनऊ। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित योजना भवन में सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर गांव की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।

महाराष्ट्र विमान हादसे पर जताया शोक

उपमुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि सुबह उन्हें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे की दुखद सूचना मिली। उन्होंने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

स्वयं सहायता समूहों के दायरे का होगा बड़ा विस्तार

केशव मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य एक करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करना है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।

प्रेरणा कैंटीन का होगा विस्तार, व्यापार के नए अवसर

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेरणा कैंटीन की क्षमता और दायरा बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि ब्लॉक परिसरों में खाली भूमि पर स्टॉल विकसित कर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपने उत्पाद सीधे बेच सकें। साथ ही उत्पादों की बिक्री के लिए अन्य डिजिटल और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना की शुरुआत

‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना की तर्ज पर अब ‘एक जनपद एक व्यंजन’ पहल शुरू की गई है।
इसके तहत प्रत्येक जिले में ऐसी दुकान स्थापित की जाएगी, जहां प्रदेश के सभी 75 जिलों के पारंपरिक उत्पाद और व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे।

खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर निवेश, सौर ऊर्जा को बढ़ावा

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग के तहत 826 विकास खंडों में पांच करोड़ रुपये की लागत वाली इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
इन इकाइयों को 35 प्रतिशत सामान्य सब्सिडी और 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी जाएगी, जिससे लागत कम और उत्पादन टिकाऊ बने।

बुंदेलखंड से महिला दुग्ध उत्पादक कंपनियों का विस्तार

उन्होंने जानकारी दी कि बुंदेलखंड क्षेत्र में 80 हजार महिलाएं पहले से ही दुग्ध उत्पादक कंपनी से जुड़ी हुई हैं।
सरकार का लक्ष्य ऐसी कंपनियों को प्रदेश के 18 मंडलों तक विस्तार देने का है।

आंगनवाड़ी टीएचआर प्लांट और सौर ऊर्जा पर निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि आंगनवाड़ी बच्चों के लिए संचालित टेक होम राशन (THR) प्लांट की 202 से अधिक इकाइयां प्रदेश में कार्यरत हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि शेष इकाइयों को भी सौर सब्सिडी से जोड़ा जाए या उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।

भुगतान व्यवस्था होगी डिजिटल, ई-रिक्शा दीदियों को राहत

उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सीधे ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पूरा पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचे।
साथ ही ई-रिक्शा चलाने वाली महिलाओं के लिए चार्जिंग व्यवस्था की समस्या के समाधान पर भी जोर दिया।

विकास कार्यों में देरी नहीं, समयबद्ध स्वीकृति के निर्देश

केशव मौर्य ने स्पष्ट किया कि विधायक निधि से जुड़े प्रस्तावों को 45 दिनों के भीतर स्वीकृत किया जाए, ताकि विकास कार्य समय पर शुरू हो सकें।
उन्होंने हर तीन महीने में दिशा बैठकें और नियमित ग्राम चौपाल आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

इनक्यूबेशन सेंटर और अमृत सरोवर पर खास जोर

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रांडिंग और पैकेजिंग से जुड़े इनक्यूबेशन सेंटर स्वयं सहायता समूहों को सौंपे जाएंगे।
इसके साथ ही अमृत सरोवरों को हरा-भरा रखने और उनमें जल उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

‘विकसित भारत’ और ‘स्मार्ट गांव’ की दिशा में कदम

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत और स्मार्ट गांव का लक्ष्य प्रदेश की नीतियों का केंद्र बिंदु है।
उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण गांवों के समग्र और सतत विकास को सुनिश्चित करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here