UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में सवर्ण समाज का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है, सवर्ण समाज के संगठन और छात्र सड़कों पर उतरकर इन नियमों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी के साथ भाजपा के खिलाफ भी विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं।
इस पूरे विवाद के बीच अब भाजपा के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं, इस बार वजह उनके दोनों बेटे हैं, जो UGC के नए नियमों को लेकर एक-दूसरे के विपरीत रुख अपनाए हुए हैं।
एक परिवार, दो रास्ते
UGC नियमों पर चल रहे विवाद में बृजभूषण शरण सिंह के दोनों बेटे अलग-अलग पक्षों में खड़े नजर आ रहे हैं, विधायक बेटे प्रतीक भूषण सिंह ने UGC के नए नियमों का खुलकर विरोध किया है, वहीं भाजपा सांसद बेटे करण भूषण सिंह इन नियमों के समर्थन में हैं, इस विरोधाभास ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
नियम बनाने वाली संसदीय समिति में शामिल रहे सांसद करण भूषण
जानकारी के मुताबिक, भाजपा सांसद करण भूषण सिंह उस संसदीय समिति के सदस्य थे, जिसने UGC के नए नियमों के निर्माण की प्रक्रिया में भूमिका निभाई, यही कारण है कि उनका रुख इस बिल के समर्थन में माना जा रहा है।
विधायक बेटे का सोशल मीडिया पर विरोध
दूसरी ओर, विधायक बेटे प्रतीक भूषण सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर UGC के नए नियमों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की, उन्होंने लिखा कि “इतिहास के दोहरे मापदंडों पर अब गहन विवेचना होनी चाहिए, जहां बाहरी आक्रांताओं और उपनिवेशी ताकतों के अत्याचारों को ‘अतीत की बात’ कहकर भुला दिया जाता है, जबकि भारतीय समाज के एक वर्ग को लगातार ‘ऐतिहासिक अपराधी’ के रूप में चिह्नित कर वर्तमान में प्रतिशोध का निशाना बनाया जा रहा है।”
उनके इस बयान को सवर्ण समाज की भावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
संसदीय समिति में कौन-कौन था शामिल
UGC के नए नियमों को तैयार करने वाली संसदीय समिति के चेयरमैन कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह थे।
समिति में राज्यसभा सांसदों के तौर पर:
- सुष्मिता देव
- विकास रंजन भट्टाचार्य
- सुनीता अजित पवार
- रेखा शर्मा
- भीम सिंह
- हरभजन सिंह
- घनश्याम तिवारी
- संगीता यादव
- डॉ. सिकंदर कुमार
शामिल थे।
वहीं लोकसभा सांसदों के रूप में समिति में:
- बृजमोहन अग्रवाल
- रचना बनर्जी
- दर्शन सिंह चौधरी
- जितेंद्र कुमार दोहरे
- वर्षा एकनाथ गायकवाड़
- अभिजीत गंगोपाध्याय
- हेमांग जोशी
- संबित पात्रा
- रवि शंकर प्रसाद
- राजीव राय
- जियाउर्रहमान बर्क
करण भूषण सिंह सहित कई अन्य सांसद शामिल थे। बढ़ता जा रहा है सियासी विवाद
UGC के नए नियमों को लेकर जहां एक ओर सरकार और समर्थक इसे सामाजिक न्याय की दिशा में कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सवर्ण समाज इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहा है, बृजभूषण शरण सिंह के दोनों बेटों के अलग-अलग रुख ने इस मुद्दे को और ज्यादा राजनीतिक रंग दे दिया है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह विरोध किस दिशा में जाता है और भाजपा इस आंतरिक असहमति से कैसे निपटती है।


