महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे की जांच के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। मंत्रालय के अनुसार, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम ने डीजीसीए (DGCA) की मुंबई स्थित टीम के साथ मिलकर दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस दौरान AAIB के महानिदेशक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
इस हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी। घटना को गंभीर मानते हुए मंत्रालय ने सभी पहलुओं से जांच के निर्देश दिए हैं।
ब्लैक बॉक्स बरामद
अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनास्थल से कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR), यानी ब्लैक बॉक्स, बरामद कर लिए गए हैं। इनकी जांच से हादसे के कारणों का पता लगाया जाएगा। शुरुआती जांच में मौसम की स्थिति, दृश्यता (विजिबिलिटी), पायलट के निर्णय और अनियंत्रित एयरफील्ड पर विमान संचालन की सीमाओं को प्रमुख बिंदु माना जा रहा है।
टीम ने फॉरेंसिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसमें विमान के मलबे को सुरक्षित करना और जरूरी सबूत जुटाना शामिल है।
कई अहम दस्तावेज मांगे गए
जांच टीम ने दिल्ली स्थित वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से विमान के एयरफ्रेम और इंजन की लॉगबुक, रखरखाव रिकॉर्ड, निरीक्षण विवरण, वर्क ऑर्डर और ऑनबोर्ड दस्तावेज मांगे हैं। वहीं, DGCA से क्रू की योग्यता से जुड़े रिकॉर्ड और विमान के प्रमाणन दस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, विमान सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ था और 8:18 बजे बारामती एयरफील्ड से संपर्क में आया। रनवे-11 पर पहली बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान क्रू ने बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है, जिसके बाद उन्होंने गो-अराउंड किया। दोबारा पोजिशनिंग के बाद क्रू ने कहा कि रनवे दिखने पर सूचना देंगे।
सुबह 8:43 बजे विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। लगभग एक मिनट बाद एयरफील्ड कर्मचारियों ने रनवे के पास आग देखी और कंट्रोल रूम को सूचना दी। फिलहाल हादसे के कारणों की गहन जांच जारी है और मंत्रालय ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


