यूपी की तस्वीर पिछले कुछ वर्षों में बदली है। 2017 में सत्ता की कुर्सी संभालने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को कई स्थानों पर संवारने की दिशा में कदम बढ़ाया है। कनेक्टिविटी उनमें से एक है जिसके अंतर्गत सड़कों से लेकर के मेट्रो का विस्तार हुआ। इसका परिणाम यह है कि आज यूपी मेट्रो नेटवर्क के विस्तार में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होकर उभरा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने ये बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालें तो नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर और आगरा जैसे बड़े शहरों में सफल मेट्रो संचालन कर सरकार लोगों का सफर आसान बना रही है।

लखनऊ से कानपुर तक मेट्रो का जाल, मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में ऐतिहासिक उपलब्धि-
प्रदेश में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार यूपी सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। जहां इससे कनेक्टिविटी को रफ्तार मिल रही है। वहीं सरकार को आर्थिक मोर्चे पर भी लाभ मिल रहा है।
योगी सरकार इसी क्रम में लगातार मेट्रो विस्तार को रफ्तार देकर प्रदेश को इस मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल कर रही है। इसका असर यह है कि आज यूपी के नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाज़ियाबाद, लखनऊ, कानपुर और आगरा जैसे बड़े शहरों में मेट्रो रेल का सफल संचालन हो रहा है। इससे जहां एक ओर आवागमन आसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर लोगों के कीमती समय की भी बचत हो रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यूपी सरकार की ये उपलब्धि प्रसिद्धि बटोर रही है।
बेहतर कनेक्टिविटी के साथ आसान हुआ आवागमन-
सरकार के लगातार प्रयासों से यूपी में मेट्रो विस्तार नया रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। आलम यह है कि आज शहरों में कनेक्टिविटी बेहतर हो गई है। बात चाहे, नोएडा की हो या गाज़ियाबाद या कानपुर, लखनऊ, आगरा की। इन शहरों में मेट्रो रेल संचालन ने लोगों का आवागमन आसान कर दिया है। इतना ही नहीं, मेट्रो संचालन से जहां एक ओर ट्रैफिक की परेशानियों से मुक्ति मिल रही है, वहीं दूसरी ओर लोग कम समय में अपने मंजिल स्थान पहुंचकर सार्वजनिक परिवहन के माध्यमों का लाभ उठा रहे हैं।





