लखनऊ कैंट विधानसभा में नोटिस निस्तारण की प्रक्रिया का जमीनी जायज़ा
लखनऊ | विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। ड्राफ्ट निर्वाचक नामावलियों के प्रकाशन के बाद जारी नोटिसों की सुनवाई और उनके निस्तारण की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
इसी कड़ी में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी ने विधानसभा क्षेत्र 175 लखनऊ कैंटोनमेंट में मतदाता पुनरीक्षण कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए औचक निरीक्षण किया।
ईको गार्डन स्थित वीआरसी और सुनवाई केंद्रों का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी विशाख जी ने कांशीराम ईको गार्डन में स्थापित वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर (VRC) और AERO सुनवाई केंद्रों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सुनवाई प्रक्रिया, अभिलेखों के रख-रखाव और डेटा अपलोडिंग की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट स्थित निर्वाचन कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का भी जायज़ा लिया गया।

13 से अधिक स्थलों पर चल रही है नोटिसों की सुनवाई
निरीक्षण के समय निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वीआरसी कक्ष के अलावा 13 अन्य स्थानों पर भी तमिला नोटिसों की सुनवाई की जा रही है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और किसी प्रकार की त्रुटि को समय रहते दुरुस्त किया जा सके। जिलाधिकारी ने ईको गार्डन स्थित दो सुनवाई कक्षों के साथ-साथ सिंचाई विभाग अतिविशिष्ट अतिथिगृह में संचालित सुनवाई केंद्र का भी निरीक्षण किया।

निष्पक्षता और समयबद्धता पर दिया गया विशेष ज़ोर
डीएम विशाख जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आपत्ति और दावे की सुनवाई पूरी निष्पक्षता से की जाए तथा तय समयसीमा के भीतर उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियाद है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की दिशा में लगातार कार्रवाई
प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुनरीक्षण से संबंधित समस्त कार्यवाहियां डिजिटल रिकॉर्ड के साथ समय पर अपलोड हों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


