पुलिस सैलरी पैकेज के तहत 31 करोड़ से अधिक की सहायता राशि वितरित
लखनऊ | उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग ने एक बार फिर यह साबित किया है कि कर्तव्य पालन के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की जिम्मेदारी शासन पूरी संवेदनशीलता के साथ निभा रहा है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में मृत पुलिसकर्मियों के आश्रित परिजनों और दुर्घटनाओं में दिव्यांग हुए जवानों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
17 शहीदों के परिजन और 4 दिव्यांग पुलिसकर्मी लाभान्वित

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने विभिन्न जनपदों के मृत पुलिसकर्मियों के 17 आश्रित परिजनों तथा सड़क व रेल दुर्घटनाओं में दिव्यांग हुए 4 पुलिसकर्मियों को कुल 31 करोड़ 18 लाख 04 हजार 550 रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए। इस सहायता से कुल 21 पुलिस परिवारों को सीधा लाभ मिला।
पुलिस सैलरी पैकेज बना सहारा, परिवारों को मिली बड़ी राहत

यह आर्थिक सहायता बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ हुए एमओयू के तहत लागू पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) योजना के अंतर्गत प्रदान की गई। इस योजना के तहत आकस्मिक दुर्घटना, ड्यूटी के दौरान मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में पुलिसकर्मियों अथवा उनके आश्रितों को त्वरित आर्थिक मदद दी जाती है।
संवेदनशील शासन, सुरक्षाबलों के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश

इस दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस बल के जवान केवल विभाग के कर्मचारी नहीं, बल्कि शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी हैं। सरकार उनके त्याग और बलिदान को सम्मान देने के साथ-साथ उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वरिष्ठ अधिकारी और बैंक अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस महानिदेशक के जीएसओ, पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक और शाखा प्रबंधक भी उपस्थित रहे। सभी ने योजना को पुलिस परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी और सहायक बताया।
कल्याणकारी नीतियों से मजबूत हो रहा पुलिस बल

पुलिस सैलरी पैकेज जैसी योजनाएं पुलिसकर्मियों में सुरक्षा और विश्वास का भाव पैदा कर रही हैं। इससे यह भी सुनिश्चित होता है कि कर्तव्य के दौरान किसी भी अनहोनी की स्थिति में उनके परिवारों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
सरकार का स्पष्ट और सख़्त संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा, साहस और निडरता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। सेवा के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति में पुलिसकर्मी या उनके परिवार को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा। शहीद और दिव्यांग पुलिसकर्मियों के परिजनों की आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी शासन की है। सरकार पुलिस बल के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्ध है।





