Home Uttar Pradesh राजधानी लखनऊ जाम के जाल में फंसी, ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त

राजधानी लखनऊ जाम के जाल में फंसी, ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त

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1090 चौराहे से मुख्यमंत्री आवास तक भीषण जाम, घंटों सड़क पर तड़पती रही जनता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। 1090 चौराहे से लेकर मुख्यमंत्री आवास, सिविल अस्पताल और आसपास के प्रमुख मार्गों पर ऐसा भीषण जाम लगा कि आमजन को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा। हालात इतने बदतर रहे कि एंबुलेंस, स्कूली वाहन और दफ्तर जाने वाले लोग तक रेंगते हुए नजर आए।

शहर में जाम नहीं है के दावों की खुली पोल
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और ट्रैफिक पुलिस लगातार यह दावा करती आ रही है कि राजधानी में ट्रैफिक पूरी तरह नियंत्रित है और जाम जैसी कोई स्थिति नहीं है। लेकिन शुक्रवार को सड़कों पर जो हालात दिखे, उन्होंने इन दावों की हकीकत सामने ला दी।
अगर यह जाम नहीं था, तो फिर सड़कों पर घंटों तक खड़ी गाड़ियां और बेहाल लोग क्या थे—यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

सीएम के आदेश भी बेअसर, ट्रैफिक पुलिस नाकाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार ट्रैफिक सुधार और सख्त व्यवस्था के निर्देश देते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आई। मुख्यमंत्री आवास के आसपास ही ट्रैफिक का पूरी तरह बेकाबू होना यह दर्शाता है कि आदेश फाइलों तक सीमित रह गए हैं, अमल सड़क पर नहीं दिख रहा।

सिविल अस्पताल मार्ग पर हालात बदतर, मरीज और तीमारदार परेशान

सिविल अस्पताल तक जाने वाले मार्ग पर भीषण जाम के चलते मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग मजबूरी में पैदल चलते नजर आए, जबकि एंबुलेंस को भी रास्ता बनाने में मशक्कत करनी पड़ी।

धीमी रफ्तार, अव्यवस्था और नियमों की खुलेआम अनदेखी

पूरे इलाके में वाहन रेंगते रहे। न ट्रैफिक सिग्नल सही ढंग से संचालित दिखे और न ही पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस बल मौके पर तैनात नजर आया। ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती रहीं, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं दिखा।

जनता में गुस्सा, पुलिस कमिश्नरेट पर उठे सवाल

घंटों जाम में फंसे लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि राजधानी में हर दिन जाम लगना अब आम बात हो गई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजी दावे करने में लगे हैं।
सवाल यह है कि जब जाम रोज़ की समस्या बन चुका है, तो ट्रैफिक प्लान और निगरानी आखिर कहां फेल हो रही है?

राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई की मांग

जनता ने मांग की है कि लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि सख्त और त्वरित कार्रवाई हो। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

सवाल बरकरार है…

अगर राजधानी में जाम नहीं है, तो फिर शुक्रवार को लखनऊ की सड़कों पर जो दिखा, वह क्या था?

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