रंगों के पावन पर्व होली और होलिका दहन के शुभ अवसर पर राज्य के विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं, इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।
अपने संदेशों में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, यह पर्व हमें भेदभाव, द्वेष और नकारात्मकता को त्यागकर एकजुटता और सद्भाव का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है, होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हमें अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पानी की हर बूंद अमूल्य है और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी है, उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि होली के दौरान पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचें और सूखी होली खेलने को प्राथमिकता दें साथ ही, रासायनिक रंगों के स्थान पर प्राकृतिक और फूलों से बने रंगों का उपयोग करें, ताकि पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि सभी नागरिक हर्षोल्लास, शालीनता और मर्यादा के साथ त्योहार मनाएं। उन्होंने लोगों से अफवाहों, उकसावे और असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने की अपील की उन्होंने कहा कि त्योहार आपसी विश्वास और सौहार्द को मजबूत करने का अवसर होते हैं, इसलिए सभी को मिल-जुलकर शांति और सद्भाव के साथ इसे मनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि होली का पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके, प्रशासन को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से भी प्रशासन का सहयोग करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भागीदारी निभाने की अपील की।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया, उन्होंने कहा कि होली के अवसर पर स्थानीय स्तर पर बने गुलाल, पिचकारी और अन्य सामग्रियों की खरीदारी से छोटे व्यापारियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
उप मुख्यमंत्रीगण और विधान परिषद के सभापति ने भी अपने संदेशों में सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि होली का त्योहार हमें प्रेम, सहिष्णुता और सद्भाव का संदेश देता है, हमें इस अवसर पर पुराने मतभेद भुलाकर नई शुरुआत करनी चाहिए।
अंत में सभी जनप्रतिनिधियों ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे होली और होलिका दहन का पर्व जिम्मेदारी, सावधानी और उल्लास के साथ मनाएं तथा समाज में सकारात्मकता और भाईचारे का संदेश फैलाएं।






