उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस वक्त एक नया विवाद भड़क गया है…मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बढ़ती लोकप्रियता और ताकत अब कई लोगों को चुभने लगी है। कहा जा रहा है कि जिस तरह कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए उनकी मां तक को निशाना बनाया गया था, अब उसी तरह योगी आदित्यनाथ के परिवार और उनकी मां को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए जा रहे हैं।
बिहार के एक मौलाना अब्दुल्लाह सलीम द्वारा योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश से लेकर देश के कई हिस्सों में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। कई जगहों पर मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है, पोस्टर लगाए जा रहे हैं और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। और अब इस पूरे विवाद में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का भी बड़ा बयान सामने आया है, जिसने इस विवाद को और गरमा दिया है। जैसे-जैसे 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव करीब आ रहा है, वैसे-वैसे प्रदेश की राजनीति भी तेज होती जा रही है।
इसी बीच बिहार के एक मौलाना अब्दुल्ला सलीम का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस बयान के सामने आते ही उत्तर प्रदेश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कई संगठनों और हिंदू संगठनों ने इसे मर्यादा के खिलाफ और अस्वीकार्य बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।बताया जा रहा है कि अब तक 83 से ज्यादा थानों में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, जबकि बलरामपुर में FIR भी दर्ज हो गई है। लखनऊ के अटल चौराहे पर तो एक पोस्टर भी लगाया गया जिसमें मौलाना के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की गई है। इसी बीच इस पूरे विवाद में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी खुलकर सामने आ गए हैं।
हालांकि कई मुद्दों पर उनका योगी सरकार से मतभेद रहा है, लेकिन इस मामले में उन्होंने साफ कहा— “गाय सबकी माता है, गाय योगी जी की भी माता है और हमारी भी माता है। किसी की मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।अगर किसी को आपत्ति है तो वह हम पर टिप्पणी करे, लेकिन मां का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा।” बता दे कि इस वक्त स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इस समय गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर काशी से लखनऊ तक यात्रा कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ समय में योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। उनकी बुलडोजर नीति, कानून व्यवस्था और सख्त प्रशासनिक छवि को लेकर देश के कई हिस्सों में चर्चा हो रही है। हाल ही में दिल्ली में खटीक समाज के युवक तरुण की हत्या के बाद भी कई जगहों पर यह कहा गया कि अगर ऐसी घटना उत्तर प्रदेश में होती तो योगी मॉडल के तहत तुरंत कार्रवाई होती। इसी कारण कुछ लोग योगी आदित्यनाथ को भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा चेहरा मानने लगे हैं।
हालांकि इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभी तक कोई सीधा बयान नहीं दिया है।लेकिन हाल ही में उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर एक सभा में कहा था— “उत्तर प्रदेश में अगर कोई अपराध करने की कोशिश करेगा तो अगले चौराहे पर उसकी मुलाकात सीधे यमराज से होगी।”फिलहाल इस बयान के बाद प्रदेश में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, मौलाना के पुतले जलाए जा रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है और क्या यह विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक मुद्दा बनता है या नहीं।





