उत्तर प्रदेश में आने वाले पर्व-त्योहारों और बड़ी परीक्षाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता और बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है और किसी भी तरह की अफवाह फैलने नहीं दी जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि फिलहाल प्रदेश में ईंधन और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए और किसी भी तरह की घबराहट या कृत्रिम संकट की स्थिति न बनने पाए। इसके लिए अधिकारियों को फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण करने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर जैसे महत्वपूर्ण आयोजन होने हैं। ऐसे में यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है और सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी नई परंपरा की अनुमति न दी जाए और धार्मिक कार्यक्रमों के कारण आम जनता को असुविधा न हो। साथ ही समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा गया है।
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सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के दूसरे जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे, इंटेलिजेंस तंत्र सक्रिय रहेगा और सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी अफवाह का तुरंत खंडन किया जा सके। इसके साथ ही हर परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में चैत्र नवरात्र की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीपाटन मंदिर, शाकुंभरी देवी मंदिर, मां विंध्यवासिनी धाम और ललिता देवी मंदिर जैसे प्रमुख शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। वहीं 27 मार्च को Ayodhya में रामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता और सुगम दर्शन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने नवरात्र के दौरान मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने मीरजापुर, बलरामपुर, सीतापुर, अयोध्या, मथुरा और सहारनपुर के अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 19 मार्च को राष्ट्रपति का अयोध्या और मथुरा दौरा प्रस्तावित है, जिसके लिए सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।





