बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती के अवसर पर कांग्रेस द्वारा आयोजित सामाजिक परिवर्तन कार्यक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर अब सियासी दल आमने-सामने आ गए हैं। राहुल गांधी के बयान पर पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया के माध्यम से राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया है। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कांशीराम के योगदान को याद करते हुए कहा कि अगर देश के पहले प्रधानमंत्रीजवाहरलाल नेहरू आज जीवित होते, तो कांशीराम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होते।
राहुल गांधी के इस बयान के सामने आते ही सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। इसी क्रम में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के बयान को लेकर उन पर निशाना साधा और उनके बयान को तथ्यों से परे बताया।
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ट्वीट करते हुए राहुल गांधी के बयान पर तंज कसा। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि “कोई इस महामानव को बताता क्यों नहीं? कांशीराम जी मुख्यमंत्री बनना ही नहीं चाहते थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में ही बहन मायावती जी को तीन बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया था।”
उन्होंने आगे कहा कि कांशीराम ने बहुजन आंदोलन को मजबूत करने के लिए संगठन और नेतृत्व तैयार करने पर अधिक जोर दिया। इसी सोच के तहत उन्होंने Mayawati को आगे बढ़ाया और उन्हें राजनीति में नेतृत्व की भूमिका दी। मायावती को कई बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने में कांशीराम की बड़ी भूमिका रही।
निशिकांत दुबे ने अपने ट्वीट में कांग्रेस और नेहरू काल की राजनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “नेहरू जी के दौर में मुख्यमंत्री कभी भी दलित, आदिवासी या पिछड़ा नहीं बना। यदि किसी का नाम पता हो तो बता दीजिए। आखिर कितनी अज्ञानता दिखाई जाएगी”भाजपा सांसद का यह बयान सामने आने के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया।



