उत्तर प्रदेश में पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदी के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल में ‘अवसर के अनुसार बदलने वाला’ वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था। इसके विकल्पों में ‘पंडित’, ‘अवसरवादी’, ‘निष्कपट’ और ‘सदाचारी’ दिए गए थे। ‘पंडित’ शब्द को विकल्प में शामिल किए जाने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है और इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
इस मामले में बीजेपी के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की है। उन्होंने कहा कि इस सवाल से एक खास समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं और इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है। अगर किसी सवाल से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग
विवाद के बाद पेपर सेट करने वाली कमेटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। साथ ही विवादित सवाल को आधिकारिक रूप से रद्द करने और भविष्य में प्रश्नपत्र तैयार करते समय संवेदनशीलता बरतने की भी अपील की गई है।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी राज्य सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने आरोप लगाया कि सरकार की सोच ब्राह्मण विरोधी हो गई है और मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए।
हिंदू महासभा ने भी जताई आपत्ति
वहीं हिंदू महासभा ने भी इस सवाल पर आपत्ति जताई है और प्रश्नपत्र तैयार करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
4543 पदों के लिए हो रही है परीक्षा
बता दें कि यूपी पुलिस में एसआई और अन्य समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित की जा रही है। इस भर्ती के तहत कुल 4543 पदों को भरा जाना है। परीक्षा के लिए करीब 15.75 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, जिनमें 11.66 लाख पुरुष और 4.09 लाख महिलाएं शामिल हैं।





