पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी के नेता विनय शंकर तिवारी ने ब्राह्मण समाज के कथित अपमान को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बार-बार ब्राह्मण समाज को अपमानित करना और उन्हें हेय दृष्टि से देखना मानो वर्तमान सत्ताधीशों का उद्देश्य बन गया है।
विनय शंकर तिवारी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की उप निरीक्षक पद के लिए आयोजित सीधी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र का हवाला देते हुए कहा कि उसमें “अवसरवादी कौन होता है” जैसे प्रश्न में पंडित शब्द को इंगित किया गया। उनके मुताबिक यह ब्राह्मण समाज के प्रति सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि ब्राह्मण बटुकों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनकी शिखा पकड़कर घसीटने जैसी घटनाएं सामने आईं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व शंकराचार्य को स्नान करने से रोकने और उनका अपमान करने की बात भी कही।
सपा नेता ने कहा कि इन घटनाओं से ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि अब समय आ गया है कि ब्राह्मण समाज अपने साथ हो रहे कथित अन्याय और अत्याचार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाए।
अपने बयान के अंत में विनय शंकर तिवारी ने नारा देते हुए कहा, “सरकार का अहंकार, ब्राह्मणों का तिरस्कार।” उन्होंने ब्राह्मण समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए “जय परशुराम, जय भारत” का उद्घोष भी किया।





