Home Breaking News पीएमईजीपी योजना से बदली किस्मत, लखीमपुर की सरिता बनीं सफल उद्यमी

पीएमईजीपी योजना से बदली किस्मत, लखीमपुर की सरिता बनीं सफल उद्यमी

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योगी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का जो संकल्प लिया है, वह केवल एक नारा नहीं बल्कि लाखों युवाओं के जीवन में बदलाव की कहानी बन चुका है। सरकार की योजनाएं आज गांव-गांव तक पहुंच रहीं हैं और युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहीं हैं। इसी संकल्प की एक प्रेरणादायक मिसाल लखीमपुर खीरी की सरिता सिंह हैं।

लखीमपुर खीरी के ग्राम बुझारी की रहने वाली सरिता सिंह ने सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद कुछ अलग करने का सपना देखा। सरकार की ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) योजना ने उनके इस सपने को साकार करने का रास्ता दिखाया। 25 लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने तेल कोल्हू (ऑयल मिल) उद्योग की शुरुआत की। उन्होंने सरसों के तेल का उत्पादन शुरू किया और आधुनिक तकनीक से उसे फिल्टर कर व्यापारियों तक पहुंचाने लगीं। आज उनकी इकाई प्रतिदिन 12 क्विंटल सरसों तेल का उत्पादन करती है।

सरिता सिंह की सफलता सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं है, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गई है। उनके उद्योग में आज 27 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इससे गांव के कई परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरी है और लोगों में आत्मनिर्भर बनने का विश्वास बढ़ा है। आज सरिता सिंह हर महीने लगभग 1 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहीं हैं। उन्होंने सरकारी सहयोग और दृढ़ संकल्प से अपने सपनों को साकार कर दिखाया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के तहत ऐसे ही हजारों युवा आज अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं और राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे हैं।

‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो नए स्वरोजगार उपक्रम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान करना है

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