Home National पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी का बयान: भारत की रणनीति और...

पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी का बयान: भारत की रणनीति और बड़ी चुनौतियां

12
0

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर भारत का पक्ष साफ किया। उन्होंने बताया कि इस युद्ध का असर सिर्फ उस क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया पर इसका प्रभाव पड़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि इस संघर्ष ने भारत के सामने कई नई और अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। सबसे बड़ा असर व्यापार और सप्लाई पर पड़ा है। गैस, उर्वरक और कच्चे तेल जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके साथ ही खाड़ी देशों में रहने वाले एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों की सुरक्षा भी सरकार के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

उन्होंने बताया कि समुद्री रास्तों पर भी असर पड़ा है। खासकर होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait), जो तेल और गैस सप्लाई का मुख्य रास्ता है, वहां जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। पीएम मोदी ने साफ कहा कि इस तरह के रास्तों में रुकावट या जहाजों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं हैं।

Also Read- यूपी की सियासत में नए संकेत: क्या बदल रही है क्षत्रिय राजनीति की तस्वीर?

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत इस मुद्दे पर कई देशों के संपर्क में है। Iran, United States और Israel जैसे देशों के साथ बातचीत जारी है, ताकि हालात को सामान्य किया जा सके और जरूरी सप्लाई बनी रहे। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक प्रयासों के जरिए भारत ने कई देशों से कच्चा तेल और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा शांति का समर्थन करता है और इस संकट का समाधान भी बातचीत के जरिए ही संभव है। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक करीब 3.75 लाख भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इसके अलावा ईरान से भी 1000 से ज्यादा भारतीयों को निकाला गया है, जिनमें कई छात्र शामिल हैं।

सरकार की प्राथमिकता भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है। पीएम मोदी ने कहा कि सभी देशों ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है, हालांकि कुछ घटनाओं में भारतीय नागरिकों को नुकसान भी हुआ है और घायलों का इलाज कराया जा रहा है।

ऊर्जा संकट को लेकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही सरकार एलपीजी के साथ-साथ पीएनजी कनेक्शन को भी बढ़ावा दे रही है, ताकि लोगों को वैकल्पिक सुविधा मिल सके।

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ज्यादा से ज्यादा खुद पर निर्भर होना होगा। इसी दिशा में देश में जहाज निर्माण को बढ़ावा देने के लिए करीब 70 हजार करोड़ रुपये की योजना शुरू की गई है।

अंत में पीएम मोदी ने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद और अन्य जरूरी चीजों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने सप्लाई चेन, महंगाई और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए नए ग्रुप बनाए हैं, जो तुरंत और लंबे समय के समाधान पर काम करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here