Home Devotional महाअष्टमी और राम नवमी 2026: जानें सही तारीख, पूजा मुहूर्त और जरूरी...

महाअष्टमी और राम नवमी 2026: जानें सही तारीख, पूजा मुहूर्त और जरूरी नियम

21
0

चैत्र नवरात्रि के दौरान आने वाली महाअष्टमी और राम नवमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। इन दोनों दिनों पर लोग पूजा-पाठ, व्रत और कन्या पूजन करते हैं। साल 2026 में इन त्योहारों की तारीख और शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं।

कब है महाअष्टमी और राम नवमी 2026?

द्रिक पंचांग के अनुसार, महाअष्टमी 26 मार्च 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 26 मार्च सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। वहीं, राम नवमी 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी। नवमी तिथि 26 मार्च सुबह 11 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर 27 मार्च सुबह 10 बजकर 6 मिनट तक रहेगी।

Also Read- यूपी की सियासत में हलचल: क्या 2027 से पहले बन रहा है नया समीकरण?

महाअष्टमी पर कन्या पूजन का शुभ समय

महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस दिन दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं:

  • पहला मुहूर्त: सुबह 6:17 बजे से 7:51 बजे तक
  • दूसरा मुहूर्त: सुबह 10:56 बजे से दोपहर 3:32 बजे तक

राम नवमी पर पूजा का मुहूर्त

राम नवमी के दिन भी पूजा और कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं:

  • सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:17 बजे से दोपहर 3:24 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक
  • लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 7:50 बजे से 9:22 बजे तक
  • रवि योग: पूरे दिन

इन समयों में पूजा और कन्या पूजन करना बहुत शुभ माना जाता है।

अष्टमी और नवमी के दिन क्या करें?

महाअष्टमी और राम नवमी पर कुछ खास काम करने से शुभ फल मिलता है:

  • 2 से 10 साल की कन्याओं को भोजन कराएं और उनका आशीर्वाद लें, उन्हें देवी का रूप माना जाता है।
  • अष्टमी और नवमी के बीच का समय संधि काल कहलाता है, जो बहुत शुभ होता है। इस समय दीपक जलाकर माता का ध्यान करें।
  • राम नवमी के दिन घर में छोटा हवन करना अच्छा माना जाता है, इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

इन दिनों क्या न करें?

इन पवित्र दिनों में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • किसी से झगड़ा या बुरा व्यवहार न करें।
  • मांस, शराब जैसे तामसिक भोजन से दूर रहें और सात्विक भोजन ही करें।
  • देवी दुर्गा को तुलसी अर्पित न करें, लेकिन राम नवमी के दिन भगवान राम को तुलसी जरूर चढ़ाएं।
  • सुबह जल्दी उठकर पूजा करें, देर तक सोने से पूजा का पूरा फल नहीं मिलता।

निष्कर्ष

महाअष्टमी और राम नवमी दोनों ही आस्था और भक्ति के प्रमुख पर्व हैं। सही समय पर पूजा और नियमों का पालन करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है। इसलिए इन दिनों को पूरे श्रद्धा और नियमों के साथ मनाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here