श्रावस्ती में सोनपथरी आश्रम के निकट इफ्तार के दौरान मांसाहार के अवशेष नाले में फेंकने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की।
जानकारी के अनुसार, आश्रम के पास बहने वाले पहाड़ी नाले में मांस और हड्डियों के अवशेष फेंके गए थे। यह वही पानी है, जिसका उपयोग आश्रम में आने वाले श्रद्धालु पीने, भोजन बनाने और मंदिर की साफ-सफाई के लिए करते हैं। इस घटना से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया।
इस मामले में आश्रम के महंत हरिशरणानंद महाराज की तहरीर पर सिरसिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही वन विभाग की ओर से भी शिकायत दी गई, जिसमें जंगल में अवैध रूप से आग जलाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए। आरोपियों पर भारतीय वन अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के मुताबिक, 20 मार्च को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि बाद में छह अन्य को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त नजर रखी जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।






